लखनऊ: पंचायत चुनाव की तारीखों और आरक्षण पर सोशल मीडिया पर भ्रम, आयोग ने दी सख्त चेतावनी #89 *WRT*
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी तारीखों और आरक्षण सूचियों की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन भ्रामक संदेशों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि अभी तक चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आयोग ने फर्जी सूचनाएं साझा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। पुरानी सूची को एडिट कर फैलाया जा रहा भ्रम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बीते बुधवार को एक आरक्षण सूची तेजी से प्रसारित हुई, जिसने संभावित उम्मीदवारों और जनता के बीच भारी संशय पैदा कर दिया। जांच में सामने आया कि यह सूची वास्तव में वर्ष 2015 की थी, जिसमें एडिटिंग के जरिए तारीखों और साल को बदलकर नया दिखाने की कोशिश की गई थी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस तरह के कृत्य का उद्देश्य केवल जनता को गुमराह करना है और ऐसे किसी भी वायरल संदेश में कोई सच्चाई नहीं है। आधिकारिक घोषणा का अभी इंतज़ार वर्तमान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरुआती चरणों में है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले महीने जारी क...