ठाकुरनगर: ममता बनर्जी ने मतुआ गढ़ में निकाला विरोध मार्च, भाजपा को खुली चेतावनी - 'बंगाल छुओगे तो देश हिला देंगे' *SEFY* #45
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को नॉर्थ 24 परगना जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ तीन किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। चांदपारा से ठाकुरनगर तक चले इस मार्च में हजारों तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च के बाद जनसभा में ममता ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला।
एसआईआर के खिलाफ मतुआ क्षेत्र में बड़ा प्रदर्शन
मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद बनगांव लोकसभा क्षेत्र के चांदपारा से ठाकुरनगर तक पैदल मार्च की अगुवाई की। मतुआ समुदाय का गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में भारी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता जुटे। मार्च का मकसद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विवाद के खिलाफ जनता को एकजुट करना था।
केंद्र और भाजपा पर ममता का सीधा आरोप
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर 2024 की मतदाता सूची अवैध है तो वर्तमान केंद्र सरकार भी अवैध हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतुआ समुदाय से बांग्लादेशी मूल का होने का झूठा प्रमाण बनवाया जा रहा है। ममता ने आश्वासन दिया कि जब तक वे हैं, किसी को बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।
“बंगाल को छूने की कोशिश की तो पूरे देश को हिला देंगे”
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बंगाल में घुसपैठ का आरोप बेबुनियाद है क्योंकि सीमा, ट्रेन और हवाई अड्डों की निगरानी केंद्र की एजेंसियां करती हैं। उन्होंने भाजपा से कहा कि उनके साथ खेलने की कोशिश न करें क्योंकि जनता पैसा लेगी लेकिन वोट नहीं देगी। ममता ने साफ कहा, “अगर बंगाल को छूने की कोशिश की तो हम पूरे देश को हिला देंगे।”
एसआईआर का दूसरा चरण और पश्चिम बंगाल में विवाद
चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची शुद्धि के लिए एसआईआर का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की थी। यह चरण 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए एसआईआर को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
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