अयोध्या: एसपी को भ्रामक रिपोर्ट मिलने पर स्वास्थ्य विभाग का सख्त एक्शन, सीएमओ के पास चार पैथोलॉजी सील *RTRT* #15
अयोध्या में शनिवार 29 नवंबर 2025 को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिविल लाइन स्थित लाल पैथलैब से एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी को मिली भ्रामक जांच रिपोर्ट के बाद अभियान चलाया। सीएमओ कार्यालय और मेडिकल कॉलेज के आसपास चार अवैध पैथोलॉजी संचालित पाई गईं, जिन्हें सील कर दिया गया। इनमें पंजीकरण की कमी और कुशल स्टाफ का अभाव था, जिससे संचालकों में हड़कंप मच गया।
अभियान की शुरुआत और टीम गठन
शनिवार सुबह स्वास्थ्य विभाग ने सभी पैथोलॉजी केंद्रों का सत्यापन शुरू किया। इसके लिए चार टीमों का गठन किया गया था। एसीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व वाली एक टीम ने सीएमओ कार्यालय और मेडिकल कॉलेज के आसपास से ही निरीक्षण अभियान की शुरुआत की। यह कदम एसपी को मिली गलत रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जो शहर के सिविल लाइन इलाके के एक केंद्र से जुड़ी थी। टीम ने वीडियोग्राफी के साथ छापे मारे और मानकों का पालन न होने पर तत्काल कार्रवाई की।
सीएमओ कार्यालय के निकट संचालित अवैध केंद्र
निरीक्षण के दौरान सीएमओ कार्यालय रोड पर स्थित ग्लोब पैथोलॉजी सबसे पहले निशाने पर आई। यहां जांच मशीनें लगी हुई थीं और खून के नमूने एकत्र थे, लेकिन केंद्र का कोई पंजीकरण या नवीनीकरण प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं था। साथ ही, कुशल लैब टेक्नीशियन या अन्य स्टाफ की कमी साफ दिखी। इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज के सामने ओम पैथोलॉजी का भी जायजा लिया गया, जहां नमूने और उपकरण मौजूद थे, मगर कोई योग्य कर्मचारी नहीं मिला। दर्शननगर में स्थित स्कंद पैथोलॉजी पर भी छापा पड़ा। यहां खून जांच के नमूने रखे हुए थे, लेकिन पंजीकरण दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके और जांच करने वाला कोई विशेषज्ञ कर्मचारी अनुपस्थित रहा।
सौ से अधिक नमूनों के साथ चौथा केंद्र सील
अंत में टीम मां डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची, जहां निरीक्षण समिति को देखते ही संचालक मौके से फरार हो गया। केंद्र में करीब 100 नमूने जमा थे और मशीनें इंस्टॉल की गई थीं, लेकिन पंजीकरण का अभाव था तथा व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। संचालक के न होने पर वीडियोग्राफी कराते हुए केंद्र को सील किया गया। इन कार्रवाइयों से इलाके के अन्य संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने सभी केंद्रों पर सख्त निगरानी बढ़ा दी है।
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