उत्तर प्रदेश: आधार कार्ड अब जन्म तिथि का प्रमाण नहीं, योगी सरकार ने जारी किए नए निर्देश *RFDF* #17

उत्तर प्रदेश कीयोगी आदित्यनाथ सरकार ने आधार कार्ड को जन्म तिथि सत्यापन के लिए अमान्य घोषित कर दिया है। नियोजन विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि आधार केवल पहचान और सत्यापन का माध्यम है, जन्म प्रमाण के लिए वैध दस्तावेज ही मान्य होंगे। यह फैसला सरकारी भर्तियों, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसे कार्यों को प्रभावित करेगा। (28 नवंबर 2025, लखनऊ)
नए नियम का व्यापक असर
उत्तर प्रदेश सरकार नेएक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। यह निर्णय राज्य के विभिन्न सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। अब तक कई विभागों में आधार कार्ड का उपयोग उम्र साबित करने के लिए हो रहा था, लेकिन अब केवल प्रमाणित दस्तावेज ही मान्य होंगे। इस बदलाव से भर्ती प्रक्रियाओं, पेंशन वितरण, छात्रवृत्ति आवंटन और प्रमाणीकरण जैसे क्षेत्रों में सख्ती बढ़ जाएगी।

निर्णय की पृष्ठभूमि
यह फैसलाभारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के दिशानिर्देशों पर आधारित है। यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड में जन्म तिथि का कोई प्रमाणित रिकॉर्ड संलग्न नहीं होता, इसलिए इसे जन्म प्रमाण पत्र के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता। लखनऊ स्थित यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखा था, जिसमें आधार को केवल पहचान और सत्यापन के साधन के रूप में वर्णित किया गया। जन्म तिथि सत्यापन के लिए अन्य वैध प्रमाणों पर जोर दिया गया है।

विभागों के लिए निर्देश
नियोजन विभाग नेसभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि जन्म तिथि सत्यापन के लिए अब अन्य मान्य दस्तावेजों का ही सहारा लिया जाए। यह कदम नियमों का पालन सुनिश्चित करने और संभावित गड़बड़ियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। राज्य स्तर पर इस नियम का शीघ्र कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सतर्क किया गया है।

आगे की प्रक्रिया
इस नए नियम सेआम नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र या अन्य आधिकारिक दस्तावेज तैयार रखने की आवश्यकता होगी। सरकार का यह फैसला प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में सटीक सत्यापन को बढ़ावा देगा।

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