दिल्ली धमाका: जनवरी से रची जा रही थी साजिश, फरीदाबाद से जुड़ा आतंकी नेटवर्क *NGBR* #26
दिल्ली में हुए धमाके की साजिश जनवरी महीने से रची जा रही थी। सुरागों से पता चला है कि एक महिला आतंकवादी पिछले दो वर्षों से विस्फोटक जमा कर रही थी। यह आतंकी समूह फरीदाबाद स्थित एक विश्वविद्यालय से संचालित हो रहा था और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घायलों से मुलाकात की और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच में आतंकी नेटवर्क का खुलासा
दिल्ली में हुए ब्लास्ट की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सुरागों के मुताबिक, इस हमले की साजिश इसी साल जनवरी महीने से रची जा रही थी। आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी को आधार बनाया गया था। एक गिरफ्तार आरोपी ने जांच एजेंसियों को बताया कि एक महिला आतंकवादी पिछले दो सालों से विस्फोटक पदार्थ इकट्ठा कर रही थी। इस मामले में पेशेवर लोगों को शामिल करके एक 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' भी बनाया गया था।
फरीदाबाद से मिली दूसरी कार, संगठनों का जिक्र
जांच एजेंसियों को आतंकियों की दूसरी कार फरीदाबाद के खंदावली गांव के पास से बरामद हुई है। यह लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत पाई गई। इससे पहले, आतंकियों के पास दो कारें होने की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों में अलर्ट जारी किया था। जांच में यह भी पता चला है कि शामिल आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद नामक आतंकी संगठनों से जुड़े थे।
प्रधानमंत्री ने घायलों को दिलासा दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के तुरंत बाद दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर धमाके में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने न केवल घायलों से बातचीत की, बल्कि उनके इलाज की जानकारी लेते हुए चिकित्सकों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि इस साजिश को अंजाम देने वाले सभी लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
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