अयोध्या: सजावटी मछली उत्पादन की तैयारी, महिला समूहों को मिलेगा प्रशिक्षण *EWAL* #26
अयोध्या जिले में सजावटी मछलियों के उत्पादन और मत्स्य बीज में आत्मनिर्भरता की नई योजना शुरू हो रही है। सभी 11 ब्लॉकों में चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को 10-10 टैंक स्थापित करने के लिए सामुदायिक निधि और 10,000 से 15,000 रुपये मूल्य का बीज दिया जाएगा। इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
अयोध्या जिला प्रशासन ने सजावटी मछलियों और मत्स्य बीज के उत्पादन में क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस पहल का उद्देश्य जिले को इस क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खोलना है। इस योजना के तहत जिले के सभी 11 ब्लॉकों में महिला स्वयं सहायता समूहों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
महिला समूहों की केन्द्रीय भूमिका
इस परियोजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। चयनित प्रत्येक समूह को सामुदायिक निधि से सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वह 10-10 टैंक स्थापित कर सकेगी। साथ ही, प्रत्येक समूह को सजावटी मछलियों का बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका मूल्य 10,000 से 15,000 रुपये के बीच होगा। इन समूहों को व्यावसायिक स्तर पर सजावटी मत्स्य पालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उच्च बाजार मूल्य से लाभ की संभावना
बताया गया है कि दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में सजावटी मछलियों की काफी मांग है। इन मछलियों की लगभग 250 प्रजातियां उपलब्ध हैं, जिनमें से अधिकांश का उत्पादन अयोध्या में करने का लक्ष्य है। बाजार में इन मछलियों की कीमत 50 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक हो सकती है, जिससे उत्पादकों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। भविष्य में मत्स्य बीज के स्थानीय उत्पादन पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि बाहर से बीज मंगाने की निर्भरता खत्म हो सके। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CIFRI) के निदेशक के साथ भी विचार-विमर्श किया है।
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