अयोध्या: एनआईए अधिकारी का झूठा अभियान, पुलिस नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया *DEAK* #21
अयोध्या पुलिस ने सिद्धार्थ निषाद नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह खुद को एनआईए का सब-इंस्पेक्टर बताकर यूपी पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देता था और लोगों से लाखों रुपये ठगता था। उसे हाईवे स्थित एक ढाबे से पकड़ा गया और कोर्ट द्वारा जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि उसके मोबाइल व दस्तावेजों की जांच चल रही है।
पुलिस ने ठगी के आरोप में किया गिरफ्तार
अयोध्यापुलिस ने एक शातिर ठग पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी सिद्धार्थ निषाद, जो देवरिया जनपद का निवासी है, खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का सब-इंस्पेक्टर बताता था। पुलिस ने उसे हाईवे के किनारे स्थित वर्मा ढाबे से पकड़ा। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
नौकरी के झांसे में लाखों रुपये की ठगी
आरोपीने एक पीड़ित व्यक्ति को अपना शिकार बनाया, जो बस्ती के कोतवालपुर का रहने वाला है और देव नगर स्थित गोल्डन डिजिटल लाइब्रेरी चलाता है। आरोपी कुछ समय पहले उसकी लाइब्रेरी में पढ़ने आता था। उसने फर्जी पहचान पत्र दिखाकर अपना एनआईए अधिकारी होने का झूठा दावा किया और पीड़ित का भरोसा हासिल किया। इसके बाद, उसने दावा किया कि उसकी यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छी जान-पहचान है और वह हेड कांस्टेबल की नौकरी दिला सकता है। इस झांसे में उसने पीड़ित से ऑनलाइन लाखों रुपये की रकम ठग ली।
जांच दल कर रहा है और पीड़ितों का पता
गिरफ्तारीमें शामिल पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जय किशोर अवस्थी, उपनिरीक्षक अखिलेश तिवारी, मुख्य आरक्षी नरेंद्र सिंह और आरक्षी रामप्रवेश यादव शामिल थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन और जब्त दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि क्या उसने इसी तरह से अन्य लोगों को भी ठगा है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
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