BREAKING अयोध्या: राम मंदिर के शिखर पर फहराई गई धर्मध्वजा, प्रधानमंत्री भावुक हुए; भागवत-मोदी ने किया ध्वजारोहण #78 *AQW*

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिन बाद मंगलवार को राम मंदिर पूर्ण रूप से सम्पन्न हो गया। सुबह 11:50 बजे अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शिखर पर 161 फीट ऊंचाई पर 2 किलो वजनी केसरिया धर्मध्वजा फहराई। ध्वजा फहराते समय प्रधानमंत्री भावुक हो गए और हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले दोनों ने प्रथम तल पर बने राम दरबार में पूजा-आरती की तथा रामलला के दर्शन किए।


मंदिर अब हुआ पूर्ण, तूफान में भी रहेगी अडिग ध्वजा

ध्वजारोहण के साथ ही राम मंदिर की शास्त्रीय प्रक्रिया पूरी हो गई। यह ध्वजा 21 किलोग्राम सोने से मढ़े दंड पर लगाई गई है और 4 किलोमीटर दूर से दिखाई देगी। विशेष तकनीक से बनी यह ध्वजा तेज तूफान में भी सुरक्षित रहेगी तथा हवा की दिशा बदलने पर अपने आप पलट जाएगी। रामलला आज सोने-रेशम के पीतांबर वस्त्र धारण किए हुए हैं।

प्रधानमंत्री का भव्य रोड शो, फूलों से पटी अयोध्या

कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने साकेत महाविद्यालय से रामजन्मभूमि तक डेढ़ किलोमीटर लंबा रोड शो किया। रास्ते में स्कूली बच्चों ने फूल बरसाए जबकि महिलाओं ने जगह-जगह आरती उतारकर स्वागत किया। पूरे शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में पांच परत वाली सुरक्षा व्यवस्था है जिसमें ATS, NSG कमांडो, SPG, CRPF और PAC के जवान तैनात हैं।

संघ प्रमुख बोले – साढ़े पांच सौ साल का संकल्प पूरा हुआ

मोहन भागवत ने कहा कि आज उन सभी लोगों की आत्मा को शांति मिली जिन्होंने मंदिर के लिए प्रयास और प्राण अर्पण किए। हिन्दू समाज ने साढ़े पांच सौ वर्ष तक अपना सत्व सिद्ध किया, जिसके फलस्वरूप राम मंदिर बन गया। अब छाया बांटने वाले भारत को खड़ा करने का काम शुरू हो गया है। रामलला का नाम लेकर इस कार्य को आगे बढ़ाना हम सबका कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री योगी – आस्था न झुकी, न रुकी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले पांच सौ वर्षों में साम्राज्य बदले लेकिन जनता की आस्था अडिग रही। जब संघ के हाथ में कमान आई तो एक ही नारा गूंजा – रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। आज भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है और रामराज्य की परिकल्पना साकार हो रही है।

राम मंदिर परिसर में देशभर के विभिन्न मठों के संत उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के साथ ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की लंबी यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई।


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