कानपुर: जेट स्ट्रीम की वजह से सर्दी का असर तेज, रात में 8 डिग्री का न्यूनतम तापमान दर्ज *GVBH* #18
उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मंगलवार (25 नवंबर 2025) को कानपुर का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह गया, जो बाराबंकी के साथ प्रदेश का सबसे कम रहा। इससे एक दिन पहले के मुकाबले 1 डिग्री की गिरावट आई, जबकि सामान्य से 2.4 डिग्री कम। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक ठंड बढ़ने और कोहरे से दृश्यता घटने की चेतावनी दी है।
ठंड का बढ़ता प्रकोप
उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव आया है, जहां जेट स्ट्रीम की सक्रियता और उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली हवाओं ने रात के तापमान को तेजी से नीचे धकेल दिया। मंगलवार की रात कानपुर में न्यूनतम पारा 8 डिग्री सेल्सियस पर ठहर गया, जो राज्य में बाराबंकी के बराबर सबसे निचला स्तर साबित हुआ। यह आंकड़ा सामान्य से 2.4 डिग्री नीचे है और पिछले दिन के 9 डिग्री से भी एक डिग्री कम। दिन के दौरान भी तापमान में कमी देखी गई, जो 25.7 डिग्री पर आ गया—एक दिन पहले के 26.7 डिग्री से एक डिग्री की गिरावट। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह स्थिति धीरे-धीरे सर्दी को और गहरा करेगी, जिसमें दिन में धूप का प्रभाव भी कमजोर पड़ता नजर आएगा।
जेट स्ट्रीम का वैज्ञानिक रहस्य
जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी सतह पर पश्चिम से पूर्व की ओर बहने वाली तेज रफ्तार वाली हवाओं की संकरी धाराएं हैं, जो गर्म और ठंडी हवाओं के तापमान अंतर से जन्म लेती हैं। इनकी गति 250 मील प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और ये उत्तरी व दक्षिणी ध्रुवों के बीच लहरदार रूप में चलती हैं। जब ये नीचे की ओर झुकती हैं, तो ठंड का असर पूरे क्षेत्र में फैल जाता है। खासकर उत्तरी ध्रुव की जेट स्ट्रीम की गतिविधि से एशिया महाद्वीप में सर्द हवाओं का प्रवाह तेज हो जाता है, जैसा कि अभी हो रहा है।
कोहरे से सतर्कता बरतें
मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिनों में यह ठंडी लहर बनी रहेगी, साथ ही कोहरा और धुंध का खतरा बढ़ेगा। मंगलवार सुबह प्रदूषण व हल्की हवाओं की कमी से दृश्यता मात्र 200 मीटर तक सिमट गई थी। अब कोहरे की तीव्रता से यह समस्या और गंभीर हो सकती है। यात्रियों को सलाह है कि हाईवे पर सुबह-रात वाहनों की गति नियंत्रित रखें, क्योंकि कम दृश्यता से दुर्घटना का जोखिम अधिक है। दोपहिया वाहन चालकों व पैदल चलने वालों के लिए बेहतर होगा कि सुबह धूप निकलने का इंतजार करें और शाम ढलने से पहले घर लौट आएं। सावधानी से इस मौसम का सामना करें, ताकि सर्दी का मजा बिना किसी परेशानी के लिया जा सके।
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