दिल्ली: टीईटी विरोधी शिक्षकों की महारैली, 5 दिसंबर को दो लाख का हुजूम *CEHN* #28
देश भर केप्राथमिक शिक्षक 5 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करेंगे। यह विरोध शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ है। इसमें दो लाख से अधिक शिक्षकों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें केवल उत्तर प्रदेश से ही लगभग एक लाख शिक्षक होंगे। संगठन ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
क्यों हो रहा है विरोध?
देश भर केप्राथमिक शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य बनाए जाने के विरोध में एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत 5 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल शिक्षक महारैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में देश के विभिन्न राज्यों से दो लाख से अधिक शिक्षकों के शामिल होने का अनुमान है। संगठन की ओर से यह भी बताया गया कि इस आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार और एनसीईटी से टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की जाएगी।
बैठक में तय हुई रणनीति
इस महारैलीकी तैयारियों को लेकर रविवार, 9 नवंबर को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सभी जिलाध्यक्षों और महामंत्रियों ने भाग लिया। इस दौरान रैली में शिक्षकों के शामिल होने की व्यवस्था पर चर्चा हुई और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने की, जिन्हें हाल ही में 14 राज्यों के संयुक्त संगठन टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। बैठक में संगठन के कोषाध्यक्ष शिव शंकर पांडेय और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी जैसे पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
तैयारियों का असर
रैलीमें उत्तर प्रदेश के हर ब्लॉक से शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकवार पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और शिक्षकों की संख्या भी निर्धारित कर दी गई है। संगठन से जुड़े देश के 14 राज्यों से भी एक लाख से अधिक शिक्षकों के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। यह प्रदर्शन उस समय होगा जब संसद का सत्र भी चल रहा होगा, जिसे शिक्षकों द्वारा अपनी मांग को रखने के लिए एक उचित समय बताया जा रहा है।
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