कानपुर: एयर एंबुलेंस से लैस यूपी का पहला ट्रॉमा सेंटर बनेगा हैलट में, 482 करोड़ की मंजूरी हासिल *RDFG* #19
कानपुर केहैलट अस्पताल में लेवल-1 एपेक्स ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने को शासन ने प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दे दी है। 481.82 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी मिली है, जिसमें एयर एंबुलेंस सुविधा भी शामिल होगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां हाईवे हादसों के घायलों को तत्काल उच्च स्तरीय इलाज मिल सकेगा। पहली किस्त के 168.50 करोड़ पहले ही जारी हो चुकी है।
मंजूरी के बाद तेजी से आगे बढ़ेगा निर्माण
शासन कीहामी के साथ कानपुर के हैलट अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर का सपना साकार होने की राह पर है। कुल 4,81,82,98,000 रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने से अब काम में रफ्तार आएगी। लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाया गया है, जबकि भवन का नक्शा दिल्ली की वास्तुनिधि संस्था ने तैयार किया है। ट्रॉमा सेंटर में एयर लिफ्टिंग की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हेलीपैड का डिजाइन आईआईटी से जांचा जाएगा। इससे घायलों को हवा मार्ग से जल्दी पहुंचाने में आसानी होगी।
छह मंजिला भवन में एक छत के नीचे सभी सुविधाएं
ट्रॉमासेंटर का भवन भूतल सहित छह मंजिलों का होगा, जिसमें तीन बेसमेंट भी शामिल हैं। यहां कई विभाग एक साथ चलेंगे, ताकि रोगियों को विशेषज्ञ इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। ओपीडी भी केंद्र के अंदर ही संचालित होगी। छोटे-मोटे उपचार जैसे टांके लगाना या अन्य प्राथमिक मदद भी यहीं उपलब्ध होगी। परिसर में जगह पहले से चिह्नित हो चुकी है और मिट्टी की गुणवत्ता की जांच भी पूरी हो गई है।
गुणवत्ता पर कड़ा नियंत्रण, विशेषज्ञ समिति का गठन
निर्माण कीगुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल की व्यवस्था की गई है। किसी विशेषज्ञ संस्था को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो नींव से लेकर छत तक हर चरण की निगरानी करेगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य स्तर पर एक समिति भी बनेगी, जो मेडिकल गैस, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और एसएस कंट्रोल सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण तत्वों का निर्धारण करेगी। इस केंद्र से हाईवे पर होने वाले हादसों के शिकार लोगों को बिना देरी के बेहतर इलाज मिलेगा, जिससे जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
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