हिमाचल प्रदेश: दुबई एयर शो में तेजस विमान हादसे से शहीद पायलट को अंतिम विदाई, पत्नी ने वर्दी में सलामी दी #38 *SHQ*

संक्षिप्त समाचार:

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पैतृक गांव पटियालकर में रविवार (23 नवंबर 2025) को विंग कमांडर नमांश स्याल (34) का अंतिम संस्कार किया गया। वे शुक्रवार (21 नवंबर) को दुबई एयर शो के दौरान तेजस लड़ाकू विमान के क्रैश में शहीद हुए थे। उनकी पायलट पत्नी अफसान ने वर्दी पहनकर अंतिम सलामी दी। चचेरे भाई निशांत ने मुखाग्नि दी। यह हादसा शोक की लहर ला गया। 


अंतिम संस्कार में उमड़ी श्रद्धा

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पटियालकर गांव में रविवार को विंग कमांडर नमांश स्याल को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दोपहर में उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां चचेरे भाई निशांत ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान वायुसेना के अधिकारियों ने पूरे समारोह का संचालन किया। गांव में शोक की चादर बिछी रही, और स्थानीय लोग शहीद को नमन करने पहुंचे।

इससे पहले दोपहर करीब एक बजे गग्गल एयरपोर्ट पर कैबिनेट मंत्री यादवेंद्र गोमा, नगरोटा बगवां से विधायक आरएस बाली तथा शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि अर्पित की। पटियालकर पहुंचने पर विधायक विपिन सिंह परमार और वायुसेना के अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि दी। शहीद की पत्नी अफसान, जो स्वयं पायलट हैं, वर्दी धारण कर अंतिम दर्शन के लिए उपस्थित हुईं। उन्होंने पति को सलामी दी, जबकि वायुसेना के अधिकारी उन्हें सांत्वना प्रदान करते नजर आए।

दुबई एयर शो का दर्दनाक हादसा

शुक्रवार (21 नवंबर 2025) को दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान एक उड़ान प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय समयानुसार दोपहर लगभग दो बजे विमान हवा में करतब दिखा रहा था, तभी नियंत्रण खो बैठा और दर्शकों के सामने जमीन से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद आग का गोला और धुआं का गुबार उठा, जिससे विंग कमांडर नमांश स्याल को बचाने का कोई मौका नहीं मिला। वे कांगड़ा जिले के निवासी थे और सलूर एयरबेस पर तैनात थे।

यह हादसा न केवल वायुसेना के लिए झटका था, बल्कि कांगड़ा के पटियालकर गांव के लिए भी अपूरणीय क्षति साबित हुआ। शहीद की उम्र महज 34 वर्ष थी, और वे हाल ही में घर लौटे थे।

परिवार पर छाया साया

विंग कमांडर नमांश स्याल के परिवार में उनकी पत्नी अफसान, जो वर्तमान में आईआईएम कोलकाता में प्रशिक्षणरत हैं, एक बेटी (प्रथम कक्षा में अध्ययनरत) तथा माता-पिता शामिल हैं। परिवार सलूर एयरबेस के निकट रहता था, जहां पत्नी और बेटी के साथ माता-पिता भी थे। नमांश लगभग एक माह पूर्व घर आए थे और 10-12 दिन पहले ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी एक बहन हमीरपुर में विवाहित हैं। वायुसेना के अधिकारियों ने पत्नी और बेटी को ढांढस बंधाया, लेकिन इस दुख को भुलाना आसान नहीं होगा। यह घटना सैनिकों के बलिदान की याद दिलाती है।

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