प्रयागराज: दिसंबर से लागू होंगे नए सर्कल रेट, विस्तारित क्षेत्रों में 35% तक उछाल *TYUI* #15
प्रयागराज में निबंधन विभाग दिसंबर के दूसरे सप्ताह से नए सर्कल रेट लागू करने की तैयारी कर रहा है। विस्तारित इलाकों जैसे बमरौली, झूंसी, नैनी और फाफामऊ में 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है, जबकि सिविल लाइंस, कटरा, चौक जैसे शहरी क्षेत्रों में यह वृद्धि केवल 5 से 10 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। बड़े भूखंडों पर मूल्यांकन में छूट का प्रावधान भी जोड़ा गया है, जो बहुमंजिला निर्माण को बढ़ावा देगा। यह कदम बाजार मूल्यों के अनुरूप पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करेगा।
विस्तारित इलाकों में जमीन की मांग बढ़ी, रेट में भारी उछाल
प्रयागराज के उन क्षेत्रों में जहां विकास तेजी से हो रहा है, वहां सर्कल रेट में उल्लेखनीय वृद्धि का फैसला लिया गया है। बमरौली, झूंसी, नैनी और फाफामऊ जैसे इलाकों में जमीन की खरीद-फरोख्त में तेजी आई है। यहां बड़े भूखंडों को खरीदकर प्लॉटिंग या ऊंची इमारतें बनाई जा रही हैं। विभाग ने इन क्षेत्रों में 20 से 35 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि बाजार की वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित किया जा सके।
शहरी केंद्रों में सीमित वृद्धि, जमीन की कमी बनी कारण
शहर के प्रमुख इलाकों में सर्कल रेट में मामूली बदलाव प्रस्तावित हैं। सिविल लाइंस, कटरा, चौक, अल्लापुर, मम्फोर्डगंज, सोहबतियाबाग, तुलारामबाग, अलोपीबाग, दारागंज, तेलियरगंज, रसूलाबाद और गोविंदपुर जैसे क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता कम होने और मांग स्थिर रहने के चलते केवल 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। यह व्यवस्था इन इलाकों की स्थिरता को बनाए रखते हुए मूल्यों को यथार्थवादी बनाने पर केंद्रित है।
बड़े प्लॉट खरीदने वालों को छूट, आम खरीदारों पर बोझ कम
नए नियमों में बड़े भूखंडों की खरीद पर मूल्यांकन में छूट का प्रावधान शामिल किया गया है, जो विकास को प्रोत्साहित करेगा। 500 वर्ग मीटर से कम क्षेत्र पर कोई छूट नहीं मिलेगी। 500 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 10 प्रतिशत, 1000 से 2000 वर्ग मीटर पर 20 प्रतिशत, 2000 से 5000 वर्ग मीटर पर 30 प्रतिशत और 5000 वर्ग मीटर से अधिक पर 40 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे बड़े निवेशकों को लाभ होगा और फ्लैट खरीदने वाले सामान्य नागरिकों पर आर्थिक दबाव कम पड़ेगा।
पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि का लक्ष्य
यह नया सर्कल रेट ढांचा जमीन के लेन-देन में अधिक स्पष्टता लाने और विभाग के राजस्व संग्रह को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। लागू होने के बाद बाजार मूल्यों के अनुरूप सटीक मूल्यांकन संभव होगा, जो संपत्ति बाजार को और अधिक विश्वसनीय बनाएगा।
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