अयोध्या: 25 नवंबर को पीएम मोदी का रोड शो, राम मंदिर पर फहरेगा धर्म ध्वज *SEDX* #27

अयोध्या में 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराएंगे। इस दौरान वे एक भव्य रोड शो भी करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं और पूरे शहर को फूलों और रोशनी से सजाया जा रहा है। वीआईपी आगमन और भक्तों की भीड़ को देखते हुए शहर में पांच-स्तरीय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

लॉन्ग-फॉर्मेट आर्टिकल:

अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक उत्सव की तैयारी में जुट गया है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने पहुंच रहे हैं। इस विशेष अवसर के लिए शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

शहर की दिव्य सजावट

पूरी रामनगरी को प्रधानमंत्री के स्वागत और ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए भव्य रूप दिया जा रहा है। मुख्य सड़कों के लैंप पोस्ट नारंगी और पीले गेंदे की मालाओं से सजे हैं। राम कथा पार्क में भगवान राम के धनुष-बाण और हनुमान जी के विशाल पुष्प-पैटर्न बनाए जा रहे हैं। सजावट में इस्तेमाल के लिए गेंदा, गुलदाउदी और गुलाब समेत लगभग 300 क्विंटल फूल विभिन्न शहरों से मंगाए गए हैं। शहर में 'प्रभु राम की नगरी में आपका स्वागत है' जैसे संदेशों वाले बैनर लगे हैं और एलईडी लाइट्स से नगरी को दिव्य आभा प्रदान की जा रही है।

कार्यक्रम का घटनाक्रम

प्रधानमंत्री मोदी साकेत महाविद्यालय में हेलिकॉप्टर से उतरेंगे। यहां से वे करीब ढाई किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए राम मंदिर के शंकराचार्य प्रवेश द्वार तक पहुंचेंगे। इस रूट पर अवध विश्वविद्यालय और साकेत महाविद्यालय के लगभग 1000 छात्र पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करेंगे। रास्ते में सात स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच बनाए गए हैं। मान्यताओं के अनुसार, प्रधानमंत्री हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना के बाद रामलला के दर्शन करेंगे और राम दरबार में आरती में शामिल होंगे। ध्वजारोहण के बाद वे सप्त मंदिर परकोटा और शेषावतार मंदिर भी देख सकते हैं।

कड़ाके सुरक्षा इंतजाम

कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। एक दिन पहले ही भारतीय सेना के एक हेलिकॉप्टर ने राम जन्मभूमि परिसर और आसपास के इलाकों का करीब 20 मिनट तक हवाई सर्वेक्षण किया। समारोह स्थल के आसपास पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिसमें एसपीजी, एनएसजी कमांडो, एटीएस, सीआरपीएफ और पीएसी जैसी फोर्सेज शामिल हैं। पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों के 10,000 से अधिक जवान तैनात हैं। ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है और साइबर टीम सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए है। वीआईपी आवागमन के लिए विशेष मार्ग तैयार किए गए हैं तथा फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें अलर्ट पर हैं। एक राज्य मंत्री ने रविवार को अयोध्या पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए ऊर्जा का केंद्र बनेगा।

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