प्रयागराज: माघ मेला 2026 के ट्रैफिक प्रबंधन का ब्लूप्रिंट तैयार, माइक्रो प्लानिंग से बनी रहेगी सुगमता *YUIO* #14

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे और माघ मेला 2026 की तैयारियों पर अफसरों के साथ बैठक की। ट्रैफिक प्लान का खाका तैयार है, जिसमें माइक्रो स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि बढ़ते यात्री दबाव के बावजूद आवागमन बाधित न हो। तीन चरणों में फोर्स तैनाती होगी, जो 25 दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। पड़ोसी जिलों से समन्वय और 30-40% अतिरिक्त पार्किंग पर जोर दिया गया है।
प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। पौष पूर्णिमा के जल्दी आने के कारण समय से पहले ही ट्रैफिक व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने जोनल, रेंज और स्थानीय स्तर के अफसरों के साथ बैठक कर समीक्षा की, जिसमें ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने भी हिस्सा लिया। इस बार योजना को माइक्रो स्तर तक विस्तार दिया गया है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं के आने-जाने में किसी तरह की रुकावट न हो। अनुमान है कि मेला क्षेत्र में 1,000 से 1,500 ट्रैफिककर्मी तैनात रहेंगे।

तीन चरणों में फोर्स की तैनाती, 25 दिसंबर तक पूर्ण तैयारी

ट्रैफिक फोर्स को विभिन्न जनपदों से तीन चरणों में बुलाया जा रहा है। 15 से 25 दिसंबर के बीच सभी पुलिसकर्मी प्रयागराज पहुंच जाएंगे। इनकी विशेष ट्रेनिंग भी कराई जाएगी, ताकि मेला क्षेत्र की ट्रैफिक बारीकियों को समझते हुए प्रभावी ढंग से काम हो सके। इससे न केवल स्थानीय व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आपात स्थितियों के लिए कंटीजेंसी प्लान भी तैयार रहेंगे।

पड़ोसी राज्यों से समन्वय, बाहरी ट्रैफिक पर डायवर्जन प्लान

प्रयागराज की सीमाएं दूसरे राज्यों से जुड़ी होने के कारण पड़ोसी जिलों के साथ तालमेल अहम है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रारंभिक समन्वय हो चुका है। सतना, रीवा और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों के साथ अगले 7-10 दिनों में प्रयागराज में भौतिक बैठक होगी। भारी वाहनों, व्यावसायिक यानों और बाहरी ट्रैफिक को वैकल्पिक रूटों पर डायवर्ट करने का प्लान तैयार है, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन सहज बना रहे।

पार्किंग में 30-40% वृद्धि, साइनेज से दिशा-निर्देश

पार्किंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बार 30-40 प्रतिशत अधिक स्थान चिह्नित किए गए हैं। यात्रियों को सही मार्गदर्शन देने के लिए साइन बोर्डों की वैज्ञानिक व्यवस्था हो रही है। इनकी संख्या, स्थान, भाषा और संदेशों पर माइक्रो स्तर की योजना बनी है। अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, शेष को शीघ्र निपटाया जाएगा।

डायनामिक मॉनिटरिंग से भीड़ प्रबंधन, आधुनिक उपकरणों का सहारा

मेला क्षेत्र में भीड़ की वास्तविक समय पर निगरानी होगी। किसी सेक्टर में अचानक भीड़ बढ़ने पर वैकल्पिक रूट और महत्वपूर्ण बिंदु सक्रिय कर दिए जाएंगे। ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए आधुनिक उपकरणों से रीयल-टाइम नजर रखी जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की संभावना कम होगी, बल्कि समग्र सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

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