लखनऊ: 101 रुपये के लेन-देन पर दोस्तों ने की रिकवरी एजेंट की बेरहमी से हत्या, दो गिरफ्तार #16 *SQW*

संक्षिप्त समाचार

लखनऊ के इंदिरानगर सेक्टर-8 में 19 नवंबर 2023 को रिकवरी एजेंट शशि प्रकाश उपाध्याय (24) की उनके रूम पार्टनर और दो दोस्तों ने 101 रुपये के विवाद में कांच के टुकड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी। शव घर से 200 मीटर दूर चौराहे पर मिला। रविवार को पुलिस ने अखिलेश कुमार और प्रिंस उर्फ अरूण यादव को कमता बस स्टैंड के पास गिरफ्तार किया, जबकि अंगद फरार है।


दोस्तों की साजिश में बेरहमी से की हत्या
लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में एक छोटे-मोटे पैसे के लेन-देन ने दोस्ती की हदें पार कर लीं। 24 वर्षीय शशि प्रकाश उपाध्याय, जो विष्णु एंड कंपनी में लोन रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करते थे, की हत्या उनके ही रूम पार्टनर और दो करीबी दोस्तों ने कर दी। मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के राजे सुल्तानपुर के रहने वाले शशि इंदिरानगर के सेक्टर-8 स्थित रघुराजनगर में किराए के मकान में अकेले रहते थे। 19 नवंबर को बुधवार रात करीब 11 बजे उनका शव घर से महज 200 मीटर दूर चौराहे पर खून से सन हुआ पाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या साजिश के तहत की गई थी, जो एक मामूली विवाद से भड़की।

पैसे लौटाने के बहाने बुलाया, फिर हमला
घटना का केंद्र बिंदु था एक साधारण कर्ज। शशि ने अपने दोस्त अंगद को जूते खरीदने के लिए 800 रुपये उधार दिए थे। अंगद ने कुछ हिस्सा तो लौटा दिया, लेकिन बाकी 101 रुपये चुकाने में टालमटोल किया। इसी पैसे लौटाने के बहाने तीनों दोस्तों—प्रिंस उर्फ अरूण यादव, अखिलेश कुमार और अंगद—ने शशि को चौराहे पर बुलाया। बातचीत के दौरान बहस तेज हो गई, जो मारपीट में बदल गई। मौके पर पड़े कांच के एक टुकड़े से उन्होंने शशि के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी घटनास्थल से भाग निकले, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने दो को पकड़ लिया।

गिरफ्तारी और दोस्ती का काला अध्याय
आरोपियों की पहचान अखिलेश कुमार (पुत्र त्रिभुवन, ग्राम साहू का बंगला, थाना खोड़रे, जनपद गोंडा) और प्रिंस उर्फ अरूण यादव (पुत्र योगेन्द्र यादव, भैसौड़ा, थाना कंधारापुर, जनपद आजमगढ़) के रूप में हुई। तीसरा आरोपी अंगद अभी भी फरार बताया जा रहा है। प्रिंस शशि का रूम पार्टनर था, जबकि अखिलेश और प्रिंस दोनों ही शशि के अधीन पार्ट-टाइम नौकरी करते थे। दिलचस्प यह कि शशि ने ही इनकी नौकरी लगवाई थी, और सभी आपस में दोस्त थे। रविवार को कमता बस स्टैंड के पास से दोनों को गिरफ्तार किया गया, जब वे लखनऊ छोड़कर भागने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी में एसआई सुशील कुमार, एसआई गौरी शंकर और एसआई शिव शंकर की टीम ने अहम भूमिका निभाई। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के नेतृत्व में जांच जारी है, जो इस विश्वासघातपूर्ण वारदात के हर पहलू को उजागर करेगी। यह मामला न केवल अपराध की गहराई दिखाता है, बल्कि करीबी रिश्तों में छिपे खतरे की भी याद दिलाता है।

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