लखनऊ:जंक फूड की लत ने बढ़ाया किशोरियों में एनीमिया का खतरा, केजीएमU अध्ययन में हुआ खुलासा *EAKH* #18
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू) के एक ताजा अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जंक फूड के सेवन से किशोरियों में एनीमिया का खतरा बढ़ रहा है। 12 से 15 वर्ष की 150 किशोरियों पर हुए सर्वे में 89 प्रतिशत में एनीमिया पाया गया। 25 प्रतिशत किशोरियां रोजाना जंक फूड खाती थीं।
अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, क्वीन मेरी द्वारा किए गए एक अध्ययन ने किशोरियों के बीच जंक फूड की बढ़ती लोकप्रियता और एनीमिया के बीच गहरा संबंध उजागर किया है। यह अध्ययन 12 से 15 वर्ष की 150 ग्रामीण और शहरी किशोरियों पर केंद्रित था। हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि इनमें से 89 प्रतिशत किशोरियां एनीमिया से ग्रस्त पाई गईं। इनमें एनीमिया की गंभीरता के स्तर अलग-अलग थे।
जंक फूड पर निर्भरता और पोषण की कमी
अध्ययन में किशोरियों की खानपान की आदतों पर गौर किया गया। पाया गया कि 25 प्रतिशत किशोरियां हर रोज जंक फूड का सेवन करती थीं। इसके अलावा, 71 प्रतिशत ने माना कि वे कभी-कभी अपने पूरे भोजन को छोड़कर सिर्फ जंक फूड ही खाती हैं। पोषक तत्वों के सेवन के मामले में स्थिति चिंताजनक पाई गई। केवल 26 प्रतिशत किशोरियां ही रोजाना हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करती थीं और मात्र 16.6 प्रतिशत ने ही विटामिन सी का पर्याप्त सेवन किया।
एनीमिया के प्रति जागरूकता और बचाव के उपाय
अध्ययन में एक और रोचक तथ्य सामने आया कि 74 प्रतिशत किशोरियों को एनीमिया के बारे में पहले से जानकारी थी, फिर भी वे इसकी चपेट में थीं। हालांकि, कई ने बचाव के उपाय भी अपनाए हुए थे। लगभग 52.6 प्रतिशत ने आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां ली थीं और 43.3 प्रतिशत ने अल्बेंडाजोल का सेवन किया था। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस स्थिति पर काबू पाने के लिए घर के बने पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देना, फाइबर और प्रोटीन युक्त आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना और तनाव को नियंत्रित करना जरूरी है।
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