सुल्तानपुर: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने की पदयात्रा की घोषणा, विजेथुआ महबीरन धाम पहुँचे *SWOL* #8

सुल्तानपुर केअमहट हवाई पट्टी पर शुक्रवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुँचे। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पदयात्रा सात नवंबर को दिल्ली से शुरू होकर 17 नवंबर को मथुरा पहुँचेगी। इस दौरान विधायक राजेश गौतम सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम

शुक्रवार को सुल्तानपुर जिले की अमहट हवाई पट्टी पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन हुआ। उनके स्वागत के लिए विधायक कादीपुर राजेश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, आयोजक विवेक तिवारी, एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी और सीओ सिटी सौरभ सावंत सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। प्रशासन ने हेलीपैड पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई थी।

पदयात्रा का क्या है एलान?

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पदयात्रा सात नवंबर को दिल्ली से शुरू होकर 17 नवंबर को मथुरा पहुँचेगी। यह 10 दिनों की पदयात्रा होगी, जिसका उद्देश्य संत महात्माओं को आमंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में वे सुल्तानपुर जिले में विराजमान अपने गुरुदेव से आशीर्वाद लेने आए हैं।

विजेथुआ महबीरन धाम के बारे में क्या कहा?

शास्त्री ने हनुमान जी के दर्शनों के अपने उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा, "विजेथुआ महबीरन आउर हनुमानजी की गूंज सम्पूर्ण देश और कोने-कोने तक पहुंचेगी और अयोध्या की तर्ज पर विजेथुआ का नाम होगा।" हवाई पट्टी से वे कार से विजेथुआ महबीरन धाम के लिए रवाना हुए, जहाँ वे श्री राम भद्राचार्य से आशीर्वाद लेंगे।

संतों के बीच मतभेदों पर क्या रही टिप्पणी?

प्रेमानंद और रामभद्राचार्य जैसे संतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में शास्त्री ने कहा कि दोनों महान संत हैं और संतों में कभी कलेश नहीं होता। उन्होंने कहा, "मैं जिस आनंद से प्रेमानंद जी महाराज के पास गया था, उन्होंने मेरा स्वागत कर मुझे अभिभूत कर दिया।" उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संतों को आपस में मतभेदों को लेकर लड़ाई न करें। बागेश्वर धाम सरकार के आगमन से क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया और प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए।

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