अयोध्या: कृषि विवि में पूर्व छात्र सम्मेलन संपन्न, सशक्त शिक्षा पर जोर *FSKL* #7
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित पूर्व छात्र सम्मेलन में लगभग 450 छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। मुख्य अतिथि व पूर्व कुलपति डॉ. बसंतराम ने कहा कि सशक्त शिक्षा एवं अनुसंधान से कृषि क्षेत्र की चुनौतियां दूर होंगी। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने संस्थान की 50 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस मैनेजमेंट के प्रेक्षागृह में सोमवार को पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 450 पूर्व छात्र-छात्राएं एकत्र हुए। इस अवसर पर "जलवायु-स्मार्ट कृषिः 2047 तक खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के मार्ग" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की गई, जहाँ पूर्व छात्रों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे।
शिक्षा और अनुसंधान पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. बसंतराम ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व छात्रों और वर्तमान छात्रों को मिलकर अपने अनुभव साझा करने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के मध्य सशक्त समन्वय से ही कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने संस्थान के 50 वर्षों के सफर और देश की कृषि उन्नति में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित 'सरयू-52' धान किस्म की सफलता का उदाहरण देते हुए जलवायु-स्मार्ट कृषि के माध्यम से भावी पीढ़ियों के लिए सतत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
पूर्व छात्रों ने रखे विचार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंबरीश सिंह ने कहा कि यह बैठक 'विकसित भारत 2047' जैसे लक्ष्य पर चिंतन का मंच प्रदान करती है। सी.आई.एस.एच लखनऊ के पूर्व निदेशक एवं पूर्व अधिष्ठाता डॉ. आर.के पाठक ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। पूर्व छात्रों ने मीठे पानी की मछलियों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, बौद्धिक संपदा प्रबंधन और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन और आयोजन
निदेशक डॉ. एस.सी. विमल ने सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट कर किया। डॉ. एस.सी. विमल के संयोजन में आयोजित इस सम्मेलन में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. डी.के सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शंभू प्रसाद ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
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