अयोध्या: शिक्षकों के लिए अनिवार्य टीईटी पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद लोकसभा में उठाएंगे मुद्दा *FDSA* #8

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट के सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के आदेश के विरोध में सपा सांसद अवधेश प्रसाद लोकसभा में इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने 20-25 वर्षों से सेवारत शिक्षकों के लिए इस आदेश को अन्यायपूर्ण बताया है। शिक्षक संगठनों और राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है।

शिक्षकों में व्यापक असंतोष

सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद देशभर के कार्यरत शिक्षकों के बीच गहरा असंतोष देखा जा रहा है। इस आदेश के तहत सभी शिक्षकों के लिए टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षक इस निर्णय से विशेष रूप से नाराज हैं और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद को एक ज्ञापन सौंपा है।

सांसद अवधेश प्रसाद ने उठाई आवाज

सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मामले में शिक्षकों का समर्थन करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि 20-25 वर्ष तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले अनुभवी शिक्षकों को अब टीईटी परीक्षा देने के लिए बाध्य करना एक प्रकार का अन्याय है। उन्होंने घोषणा की कि वह इस मुद्दे को संसद के निचले सदन लोकसभा में उठाकर शिक्षकों की चिंताओं को प्रमुखता से रखेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी इस आदेश में कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि शिक्षकों को इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए दो अवसर प्रदान किए जाएंगे। यदि कोई शिक्षक दोनों अवसरों में परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, एक राहत के रूप में उन शिक्षकों को इस परीक्षा से छूट दी गई है, जिनकी सेवानिवृत्ति में केवल पाँच वर्ष या उससे कम का समय शेष है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

इस आदेश के खिलाफ शिक्षक संगठनों के साथ-साथ राज्य सरकार ने भी कानूनी रास्ता अपनाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जिसमें इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की गई है। इस पूरे मामले ने शिक्षक वर्ग में व्यापक बेचैनी पैदा कर दी है और अब यह मुद्दा संसद तक पहुँच गया है।

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