लखनऊ: 69,000 शिक्षक भर्ती प्रदर्शन, पुलिस ने उठाकर किया हटाया #9 *RBC*


लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव किया। 'ओपी राजभर-केशव मौर्य इस्तीफा दो' के नारे लगे। प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची पुलिस से झड़प हुई और पुलिस ने उन्हें उठाकर गाड़ियों में बैठाकर ईको गार्डन के पास छोड़ दिया।

चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम

गुरुवार को लखनऊ में एक बार फिर से 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे। उन्होंने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारी 'योगी बाबा न्याय करो- सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो', 'ओम प्रकाश राजभर इस्तीफा दो' और 'केशव प्रसाद मौर्य इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाते रहे।

पुलिस कार्रवाई में क्या हुआ?

मंत्री आवास के पास जमे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस बल पहुंचा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। करीब आधे घंटे के बाद, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया और उन्हें घसीटते हुए पुलिस वाहनों में बैठा दिया। महिला पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को टांगकर गाड़ियों में बैठाया। सभी प्रदर्शनकारियों को ले जाकर ईको गार्डन के पास छोड़ दिया गया।

अभ्यर्थियों ने क्या कहा?

देवरिया से आए अभ्यर्थी धनंजय ने कहा कि पिछले 22 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कोई वकील मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा, "हम शिक्षक हैं, हमारी जगह विद्यालय में है।" हरदोई से आईं कल्पना राजपूत ने बताया कि 4-5 साल से संघर्ष कर रहे हैं और परिवार वालों ने भी साथ छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि 28 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई है और उम्मीद है कि सरकार की तरफ से अधिवक्ता उपलब्ध होंगे।

आखिर क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 2018 में हुई 69,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें मानक के अनुरूप आरक्षण नहीं दिया गया। मामला उच्च न्यायालय पहुंचा और अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार की ओर से कोर्ट में लचर पैरवी की जा रही है, जिससे उनकी नियुक्ति रुकी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पिछले 5 सालों में वे 100 से अधिक बार शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर चुके हैं।

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