बच्चों के आधार अपडेट न होने पर निष्क्रिय होने का खतरा, बायोमीट्रिक अपडेट अभियान शुरू #17 *AAW*
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, लखनऊ ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों के साथ मिलकर 5 और 15 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट अभियान शुरू किया। अपडेट न होने पर आधार निष्क्रिय हो सकता है। नियमों के अनुसार, बच्चों के आधार कार्ड में 5 वर्ष की आयु पर पहला और 15 वर्ष की आयु पर दूसरा बायोमीट्रिक अपडेट अनिवार्य है।
अभियान का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश में बच्चों के आधार कार्ड को अद्यतन करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा परिषद के सहयोग से यह पहल की है। इसका मुख्य लक्ष्य उन बच्चों के आधार में अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ) सुनिश्चित करना है, जो 7 वर्ष और 17 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं, लेकिन जिन्होंने अभी तक यह अपडेट नहीं कराया है।
क्यों जरूरी है बायोमीट्रिक अपडेट?
नियमों के अनुसार, बच्चों के आधार कार्ड में 5 वर्ष की आयु पर पहला और 15 वर्ष की आयु पर दूसरा बायोमीट्रिक अपडेट अनिवार्य है। यदि यह अपडेट समय पर नहीं किया जाता, तो आधार संख्या निष्क्रिय हो सकती है, जिससे भविष्य में कई सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। यह अपडेट बच्चों की पहचान को और सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है।
स्कूलों में विशेष कैंप
इस अभियान के तहत सभी जिलों में स्कूलों में विशेष आधार कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी, स्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों के आधार अपडेट में सहयोग करें। इन कैंपों के माध्यम से बच्चों के फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ अपडेट किए जा रहे हैं, ताकि समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो सके।
जिम्मेदारी और सहयोग
UIDAI ने सभी संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे अभिभावकों को इस अभियान के बारे में जागरूक करें और बच्चों के आधार अपडेट में तेजी लाएं। यह कदम न केवल आधार की वैधता बनाए रखने के लिए है, बल्कि बच्चों के भविष्य में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अंतिम अनुस्मारक
लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है और इसका पालन सभी स्कूलों को करना होगा। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों के आधार कार्ड की स्थिति जांचें और समय रहते अपडेट कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
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