हरदोई: बीयर बार झगड़े के बाद भाजपा नेता की हत्या, शव तालाब में खूंटे से गाड़ा; पुलिस पर लापरवाही का आरोप, 3 गिरफ्तार *WDTI* #38

हरदोई: बीयर बार झगड़े के बाद भाजपा नेता की हत्या, शव तालाब में खूंटे से गाड़ा; पुलिस पर लापरवाही का आरोप, 3 गिरफ्तार


सारांश: हरदोई के शाहबाद क्षेत्र के निहालगंज गांव में भाजपा बूथ अध्यक्ष शैलेंद्र उर्फ गौरीशंकर (33) की हत्या। 21 अगस्त को बीयर बार झगड़े के बाद से वे लापता थे। 30 अगस्त को उनका शव तालाब से निकला। पुलिस पर लापरवाही का आरोप, पत्नी ने कोतवाल की वर्दी फाड़ी। तीन आरोपी गिरफ्तार।

चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम


हरदोई जनपद के शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के निहालगंज गांव में एक भीषण वारदात सामने आई है। भाजपा के बूथ अध्यक्ष शैलेंद्र उर्फ गौरीशंकर (33) की हत्या करके उनके शव को तालाब में खूंटे से बांधकर दबा दिया गया था। शुक्रवार, 30 अगस्त की सुबह ग्रामीणों ने शव को खोज निकाला, जिसके बाद से पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

क्या थी 21 अगस्त की रात की घटना?

मामला 21 अगस्त की रात का है। शैलेंद्र उस रात करीब 10 बजे अपने घर से निकले थे। वे शाहबाद के बड़ी बाजार स्थित एक बीयर बार में पहुंचे, जहां उनकी पवन भारद्वाज नाम के एक युवक और उसके साथियों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी और मारपीट हो गई। इस झगड़े का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया, लेकिन इसके बाद शैलेंद्र घर नहीं लौटे। उनका फोन स्विच ऑफ मिला।

लापता होने के बाद परिवार ने क्या किया?

शैलेंद्र के न लौटने पर परिवार बेहद परेशान हो गया। उसी रात उनके पिता रामलाल ने शाहबाद कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 22 अगस्त तक जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने हाईवे-731 को जाम कर दिया और पुलिस पर जोरदार हंगामा किया। 27 अगस्त को परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों से गंभीरता से पूछताछ नहीं की।

आखिरकार शव कैसे मिला?


नौ दिन बाद 30 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे शव बरामद हुआ। बीयर बार से करीब एक किलोमीटर दूर नेवाड़ वाड़ी इलाके के एक तालाब में कुछ ग्रामीण सिंघाड़े में दवा डालने पहुंचे थे। उनकी नाव एक कपड़े में फंस गई। जब उन्होंने कपड़े को खींचा तो शैलेंद्र का शव पानी से बाहर आ गया। पता चला कि शव को तालाब की तली में लगे एक खूंटे से बांधकर दबा दिया गया था ताकि वह ऊपर न आ सके।

शव मिलने पर परिजनों ने कैसी प्रतिक्रिया दी?


शव की पहचान होते ही मौके पर मौजूद परिजनों में रोष फैल गया। शैलेंद्र की पत्नी मौके पर पहुंची और पति की लाश देखकर आपे से बाहर हो गईं। उन्होंने कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर उमेश त्रिपाठी की वर्दी नोच डाली और पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। परिवार का कहना था कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो शैलेंद्र की जिंदगी बचाई जा सकती थी। मामला इतना बिगड़ा कि एएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह को मौके पर पहुंचना पड़ा और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

पुलिस ने परिवार द्वारा दर्ज मुकदमे के आधार पर चार नामजद आरोपियों में से तीन को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। कोतवाली प्रभारी उमेश त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के तरीके का पता चल सकेगा और फिर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। एएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने कहा कि मामले में अब हत्या की धारा भी जोड़ी जाएगी।

मंत्री ने दिए परिजनों को आश्वासन

मामले की सूचना मिलते ही उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रचना तिवारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि यह घटना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि शैलेंद्र के लापता होने के तीसरे दिन ही उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर पुलिस को सार्थक परिणाम के लिए निर्देशित किया था।

पीड़ित और आरोपी कौन हैं?

पीड़ित शैलेंद्र अपने पिता रामलाल के साथ बड़ी बाजार में कपड़े की दुकान चलाते थे। वह पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर थे और उनका एक छह साल का बेटा भी है। वहीं, मुख्य आरोपी पवन भारद्वाज एक किताबों की दुकान चलाता है।

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