बांदा : भाजपा विधायक ने SDM को धमकाया, बोले - 'नौकरी करना सिखा देंगे, ठीक कर देंगे' #5 *JKW*

सारांश:

बांदा के बबेरू विधायक प्रकाश चंद्र द्विवेदी (भाजपा) ने शनिवार को SDM रजत वर्मा को फोन पर धमकाया। शिवनी गांव में 26 साल पुराने जर्जर भवन के बुलडोजर एक्शन से नाराज विधायक ने कहा, "मनमानी करोगे तो ठीक कर देंगे, नौकरी करना सिखा देंगे।" उन्होंने बिना नोटिस घर गिराने और SDM के गोरखपुर से ट्रांसफर की रिपोर्ट पर सवाल उठाए।



विधायक का SDM को धमकी भरा फोन

बांदा में शनिवार को हुए बुलडोजर एक्शन के बाद भाजपा विधायक प्रकाश चंद्र द्विवेदी ने SDM रजत वर्मा को फोन कर जमकर खरी-खोटी सुनाई। वायरल वीडियो में विधायक कहते सुनाई दे रहे हैं, "अगर मनमानी करोगे तो हम आपको ठीक कर देंगे, यह मेरा वादा है। रातोंरात घर कैसे गिरवा दिया? आपको रूल-कानून नहीं पता? नौकरी करना सिखा देंगे!" उन्होंने SDM से कहा कि सरकार की मंशा के हिसाब से चलें।


क्यों भड़के विधायक?

घटना बबेरू विधानसभा क्षेत्र के शिवनी गांव की है। शनिवार को प्रशासन ने सहकारी समिति के 26 साल पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया। इस भवन में 26 साल से रह रहे राजेंद्र प्रसाद पांडे के बेटे अजय पांडे ने विरोध किया, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। विधायक पीड़ित परिवार की शिकायत पर मौके पर पहुंचे और गुस्से में SDM को फोन किया।

विधायक ने उठाए ये सवाल

द्विवेदी ने SDM पर कई गंभीर आरोप लगाए:

  • "बिना नोटिस घर क्यों गिराया? सहकारिता ने गिराने का ठेका कैसे ले लिया?"
  • "तहसील की रिपोर्ट कहती है जमीन 0.267 हेक्टेयर है, लेकिन कब्जा 271 में दिखाया गया।"
  • "बारिश के मौसम में बिना विस्थापन गृहस्थी क्यों तबाह की?"
    उन्होंने SDM के गोरखपुर कमिश्नर द्वारा लगाई गई रिपोर्ट और ट्रांसफर का भी जिक्र किया।

पुराना है SDM-विधायक टकराव का इतिहास

25 जून को नरैनी SDM अमित शुक्ला के साथ हुई मारपीट की घटना में भी द्विवेदी का नाम सामने आया था। उस रात SDM ओवरलोड ट्रकों की जांच कर रहे थे, जब 30 लोगों ने उनकी गाड़ी घेर ली और चालक को पीटा। विधायक ने उस घटना को "फर्जी" बताया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर ट्वीट कर कहा था, "जब अफसर सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा?"

अब क्या है स्थिति?

भवन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है और प्रशासन ने कार्रवाई को "कानूनी" बताया है। SDM रजत वर्मा ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा उच्च कमान इस मामले पर विधायक से जवाब मांग सकती है। घटना से बांदा में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव बढ़ गया है।

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