संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस: राहुल गांधी ने मेज पीटी, अमित शाह बोले - आतंकियों का धर्म देख दुखी मत होइए #4 *OPW*

सारांश:

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर दूसरे दिन की बहस के दौरान राहुल गांधी ने गुस्से में मेज पीटी, स्पीकर ओम बिरला ने संपत्ति न तोड़ने की नसीहत दी। अमित शाह ने 28 जुलाई को हुए तीन आतंकियों के एनकाउंटर (ऑपरेशन महादेव) का विवरण दिया और कांग्रेस पर 1948-2014 तक की ऐतिहासिक "गलतियों" का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने पहलगाम हमले (22 अप्रैल) के 25 शहीदों को "भारतीय" बताकर सत्ता पक्ष को चुनौती दी, जबकि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के 1000 मिसाइल हमले और भारत की जीत का दावा किया।



चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम

मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुस्से में सदन की मेज पर जोरदार थप्पड़ मारा। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने तुरंत टोकते हुए कहा, "यह सदन की संपत्ति है, इसे मत तोड़ो।" राहुल ने बाद में माफी मांगी, लेकिन यह घटना बहस के तनावपूर्ण माहौल की गवाह बनी।

अमित शाह ने दी ऑपरेशन महादेव की जानकारी

गृह मंत्री अमित शाह ने बहस की शुरुआत 28 जुलाई को हुए ऑपरेशन महादेव के विवरण से की। उन्होंने बताया कि सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम हमले (22 अप्रैल) के तीन आतंकवादियों—सुलेमान, अफगान और जिबरान—को मार गिराया। शाह ने कहा, "इनके पास से M-9 अमेरिकी राइफल, AK-47 और पाकिस्तान मेड चॉकलेट बरामद हुई। NIA ने इन्हें शरण देने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया था।"

अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, शाह ने दिया तंज

जब शाह ने कहा, "मोदी ने आतंकियों के आकाओं को जमीन में मिलाने का काम किया," तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव बीच में बोल उठे, "आका तो पाकिस्तान है।" शाह ने कटाक्ष करते हुए जवाब दिया, "पाकिस्तान से आपकी बात होती है क्या? आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए।" अखिलेश ने अपने भाषण में चीन को पाकिस्तान से "ज्यादा खतरनाक" बताया और पूछा, "एनकाउंटर कल ही क्यों हुआ?"

शाह ने कांग्रेस पर कसा तंज, इतिहास के हवाले से किया हमला

अपने 1 घंटे 14 मिनट के भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस पर नेहरू-इंदिरा गांधी के दौर की "नीतिगत विफलताओं" का आरोप लगाया:

  • 1948 में युद्धविराम से PoK की समस्या शुरू।
  • 1965 में हाजी पीर दर्रा लौटाया।
  • 1971 में 15,000 वर्ग किमी जमीन वापस की।
  • 2004-14 के दौरान 27 आतंकी हमले और पोटा कानून रद्द करने को "सुरक्षा चूक" बताया।

प्रियंका गांधी बोलीं: "शहीद भारतीय थे, हिंदू नहीं"

प्रियंका गांधी ने पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों में से 25 को "भारतीय" बताया, जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने "हिंदू" कहकर विरोध किया। प्रियंका ने शहीदों के नाम पढ़ते हुए जवाब दिया, "गृहमंत्री ने यूपीए काल में 25 हमले गिनवाए, लेकिन 2020-25 में TRF ने कश्मीर में इतने ही हमले किए।" उन्होंने सरकार से पूछा:

  • बायसरन में सुरक्षा चूक क्यों हुई?
  • सीजफायर क्यों हुआ?
  • राफेल जहाजों के "नुकसान नहीं" का खुलासा क्यों नहीं किया?

राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दिया ट्रम्प को चुनौती

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने चुप रहने का आरोप लगाया: "ट्रम्प ने पहलगाम हमले के आरोपी आसिम मुनीर को लंच पर बुलाया, मोदी कुछ नहीं बोले। अगर इंदिरा जी जैसी हिम्मत है, तो कहें—ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं!" राहुल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर पायलट्स के "हाथ बांधने" का भी आरोप लगाया: "आपने उन्हें बिना एयर डिफेंस सपोर्ट के हमला करने को कहा।"

पीएम मोदी का जवाब: "पाकिस्तान ने चलाई थी 1000 मिसाइलें"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 1 घंटे 42 मिनट के भाषण में तीन बिंदु रखे:

  1. ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया: आतंकी हमले का जवाब हम अपनी शर्तों पर देंगे।
  2. पाकिस्तान ने 1000 मिसाइलें दागीं, लेकिन भारत ने उन्हें आसमान में नष्ट किया।
  3. कांग्रेस "पाकिस्तान के प्रपंच की प्रवक्ता" बन गई है। उन्होंने 22 अप्रैल के बाद विपक्ष के "56 इंच की छाती कहाँ गई?" जैसे बयानों को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया।

बहस का अंजाम: किसका रहा पलड़ा भारी?

दूसरे दिन की बहस में सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को "रणनीतिक जीत" और विपक्ष को "नैरेटिव युद्ध में फंसा" बताया। विपक्ष ने सुरक्षा चूक, एनकाउंटर की टाइमिंग और पीएम के "अंतरराष्ट्रीय कायरता" पर सवाल उठाए। अंत में स्पीकर ने चर्चा समाप्त की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तल्खी जारी रही।

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