अहमदाबाद विमान हादसा: फ्यूल स्विच बंद होने से इंजन फेल, पायलटों के बीच हुआ था यह सवाल-जवाब #7 *JKW*
सारांश:
12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के क्रैश में 270 लोगों की मौत। AAIB की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के 30 सेकेंड बाद दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच 'कटऑफ' हो गए, जिससे ईंधन सप्लाई बंद हुई। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट ने पूछा: "तुमने स्विच बंद किया?", दूसरे ने कहा: "नहीं"। पायलटों ने इंजन रिस्टार्ट की कोशिश की, पर 200 फीट की कम ऊंचाई के कारण विमान नहीं बचा।
चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम
12 जून की दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 विमान (फ्लाइट AI-171) ने उड़ान भरी। मात्र 2 मिनट बाद, 1:40 बजे विमान 200 फीट की ऊंचाई पर एक मेडिकल हॉस्टल से टकरा गया। इस हादसे में 241 यात्री व 29 क्रू मेंबर सहित 270 लोगों की मौत हुई। सिर्फ एक ब्रिटिश-भारतीय यात्री जिंदा बचा। यह बोइंग 787 का इतिहास में पहला क्रैश था।
जांच की मुख्य बातें: दोनों इंजनों का फ्यूल कटऑफ कैसे हुआ?
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की 15 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक:
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टाइमलाइन:
- 1:38:33 PM: विमान ने टेकऑफ स्पीड 153 नॉट्स पार की।
- 1:38:42 PM: दोनों फ्यूल स्विच 1 सेकंड के अंतराल में "RUN" से "CUTOFF" हो गए।
- 1:38:47 PM: रैम एयर टर्बाइन (RAT) खुल गई (यह आपातकाल में बिजली देती है)।
- 1:39:05 PM: पायलट ने "मेडे" इमरजेंसी कॉल किया।
- 1:39:11 PM: ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग बंद हुई।
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पायलटों की बातचीत:
कॉकपिट रिकॉर्डिंग में कप्तान सुमित सभरवाल (PIC) ने को-पायलट क्लाइव कुंदर (PF) से पूछा: "आपने क्यों बंद किया?" जवाब मिला: "मैंने नहीं किया।"नोट: फ्यूल स्विच को बंद करने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए:
- स्विच को पकड़ना,
- डिटेंट (लॉक) से बाहर निकालना,
- "CUTOFF" पोजिशन पर रिलीज करना।
यह गलती से नहीं हो सकता।
पायलटों ने क्या कदम उठाए? कोशिशों के बावजूद क्यों नहीं बचा पाए विमान?
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इंजन रिस्टार्ट की कोशिश:
- 1:38:52 PM: इंजन-1 का स्विच दोबारा "RUN" पर किया गया।
- 1:38:56 PM: इंजन-2 का स्विच भी "RUN" पर आया।
- नतीजा: इंजन-1 आंशिक रूप से चालू हुआ, पर इंजन-2 फेल रहा। EGT (एग्जॉस्ट तापमान) बढ़ने से पता चला कि इंजन में ईंधन जल रहा था।
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वजह नाकामी की:
विमान की ऊंचाई सिर्फ 200 फीट थी। इंजनों को पूरी ताकत वापस पाने के लिए 40-60 सेकेंड चाहिए थे, लेकिन क्रैश होने तक सिर्फ 30 सेकेंड ही मिले।
क्या कोई तकनीकी खराबी या बाहरी कारण थे?
जांच में इन आशंकाओं को खारिज किया गया:
- प्री-फ्लाइट खराबी: उड़ान से पहले "STAB POS XDCR" सेंसर में गड़बड़ी पाई गई थी, लेकिन उसे मैन्युअल के हिसाब से ठीक कर 12:10 PM पर विमान रिलीज कर दिया गया।
- ईंधन में दिक्कत? DGCA लैब टेस्ट में ईंधन सामान्य पाया गया।
- बर्ड हिट? फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और गियर पोजिशन सही थे। कोई बर्ड हिट नहीं हुई।
- मौसम? आसमान साफ, विजिबिलिटी ठीक, कोई आंधी नहीं।
- पायलट फिटनेस:
- कप्तान सुमित: 8,200+ उड़ान घंटे का अनुभव, ATPL लाइसेंसधारी।
- को-पायलट क्लाइव: 1,100+ घंटे का अनुभव, CPL लाइसेंसधारी।
दोनों प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में फिट पाए गए।
जांच कहां तक पहुंची? आगे क्या होगा?
- मलबे का विश्लेषण: विमान के दोनों इंजन हवाई अड्डे के हैंगर में सुरक्षित रखे गए हैं। APU फिल्टर और विंग वाल्व से लिए गए ईंधन के नमूनों की जांच चल रही है।
- डेटा रिव्यू: ब्लैक बॉक्स (EAFR) का डेटा डीकोड किया जा रहा है।
- गवाहों के बयान: एकमात्र बचे यात्री और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बयान दर्ज किए गए।
- अगले कदम:
- यह पता लगाना कि स्विच "CUTOFF" क्यों हुए? क्या पायलट तनाव में थे या कोई सिस्टम गड़बड़ी हुई?
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स का विश्लेषण।
- कोई एडवाइजरी नहीं: अभी बोइंग या जनरल इलेक्ट्रिक (इंजन निर्माता) को कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
फ्यूल स्विच क्यों है अहम?
बोइंग 787 में हर इंजन का अलग फ्यूल स्विच होता है। अगर हवा में यह "CUTOFF" हो जाए, तो:
- इंजन को ईंधन मिलना बंद हो जाता है।
- विमान की बिजली सप्लाई रुक सकती है, जिससे कॉकपिट के उपकरण बंद हो जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्विच दोबारा "RUN" पर आने के बाद FADEC सिस्टम ने इंजन रिलाइट करने की कोशिश की, लेकिन समय कम था।
स्रोत: एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, 12 जुलाई 2025; एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 का टेक लॉग व ब्लैक बॉक्स डेटा
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