लखनऊ: चंद्रशेखर आजाद का बीजेपी पर हमला, ‘मुसलमानों को शूद्र बनाने की हो रही साजिश’ - सपा के वोट पर नजर #5 *DFJ*
[सारांश:]
लखनऊ में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बीजेपी पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मुसलमानों की दुकानें बंद कराई जा रही हैं, शिक्षा छीनी जा रही है। मुस्लिम संवाद में आंदोलन की शुरुआत की घोषणा की। कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर भीड़ होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन ईद की नमाज के लिए अगर मुसलमान सड़क पर एक पैर भी रखें, तो पुलिस तुरंत पहुंच जाती है। राजनीतिक विशेषज्ञ की मानें तो चंद्रशेखर की नजर समाजवादी पार्टी के मुस्लिम वोट पर है ।
लखनऊ में चंद्रशेखर का मुस्लिम संवाद: बीजेपी पर गंभीर आरोप
लखनऊ के चौक स्थित अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में शनिवार, 12 जुलाई 2025 को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ‘मुस्लिम संवाद: समस्या और समाधान’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर अल्पसंख्यकों, खासकर मुसलमानों के साथ भेदभाव और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता छीनने का आरोप लगाया। चंद्रशेखर ने मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर उनके साथ आने की अपील की और आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया।
‘मुसलमानों को शूद्र बनाने की साजिश’
चंद्रशेखर ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार मुसलमानों को सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिए पर धकेल रही है। उन्होंने दावा किया, “मुसलमानों को शूद्र बनाने की तैयारी हो रही है। उनकी दुकानें बंद कराई जा रही हैं, शिक्षा और अधिकार छीने जा रहे हैं।” उन्होंने धामपुर की घटना का जिक्र किया, जहां चाय और नाई की दुकानें, जो मुसलमानों की थीं, कथित तौर पर बंद कराई गईं। चंद्रशेखर ने इसे संविधान का खुला उल्लंघन बताया और सवाल उठाया, “अगर संविधान की रक्षा नहीं कर सकते, तो मुख्यमंत्री कुर्सी क्यों नहीं छोड़ देते?”
‘कांवड़ यात्रा को छूट, नमाज पर पुलिस’
चंद्रशेखर ने धार्मिक भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर भीड़ होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, लेकिन ईद की नमाज के लिए अगर मुसलमान सड़क पर एक पैर भी रखें, तो पुलिस तुरंत पहुंच जाती है। उन्होंने इसे अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय का उदाहरण बताया। चंद्रशेखर ने कहा, “यह देश सभी का है, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी जागीर समझ रहे हैं।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं और उनकी पार्टी के साथ जुड़ें।
आंदोलन की शुरुआत और चुनावी रणनीति
चंद्रशेखर ने इस कार्यक्रम को केवल संवाद नहीं, बल्कि एक बड़े आंदोलन की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा, “यहां से नया इतिहास लिखा जाएगा। हम मुस्लिम समुदाय की समस्याओं को अपने चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल करेंगे।” उन्होंने वक्फ बोर्ड के मुद्दे को भी उठाया और वादा किया कि उनकी पार्टी इसका समाधान निकालेगी। इसके अलावा, उन्होंने ‘जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ का नारा देते हुए कहा कि पंचायत और विधानसभा चुनावों में टिकट बंटवारे में इस सिद्धांत का पालन किया जाएगा।
‘नकारात्मक राजनीति देश को पीछे ले जा रही’
चंद्रशेखर ने बीजेपी की राजनीति को नकारात्मक बताते हुए कहा कि यह देश को पीछे ले जा रही है। उन्होंने इटावा में एक कथावाचक के साथ हुई घटना का जिक्र किया, जहां उनकी चोटी काट दी गई। उन्होंने कहा, “शोषण केवल मुसलमानों का नहीं, बल्कि दलित, यादव, लोधी, कुर्मी और अन्य वंचित वर्गों का भी हो रहा है। जो भी सरकार की सोच के साथ नहीं है, उसे निशाना बनाया जा रहा है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि बीजेपी को हराने की बजाय आजाद समाज पार्टी को जिताने के लिए मेहनत करें।
मुस्लिम वोटों पर नजर और गठबंधन की संभावना
चंद्रशेखर की यह रणनीति मुस्लिम वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जो आम तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को मिलते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में दलित और मुस्लिम वोटों के गठजोड़ के जरिए बीजेपी और सपा दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। खासकर, आगामी उपचुनावों में उनकी पार्टी की सक्रियता से समीकरण बदल सकते हैं।
‘संविधान की रक्षा हमारी जिम्मेदारी’
चंद्रशेखर ने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान सभी को बराबरी का हक देता है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं अपने जीवन की आखिरी सांस तक वंचितों और पीड़ितों के लिए लड़ता रहूंगा।” उन्होंने मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों के सम्मेलनों की योजना का ऐलान किया, जिसके बाद उनकी पार्टी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेगी।
क्या होगा इस संवाद का असर?
चंद्रशेखर के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। उनके बयानों ने जहां एक ओर अल्पसंख्यकों में जोश भरा, वहीं बीजेपी के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकता है। चंद्रशेखर ने कहा, “इस संवाद के बाद कई लोगों की नींद उड़ जाएगी।” उनकी यह रणनीति न केवल मुस्लिम वोटों को आकर्षित करने की कोशिश है, बल्कि दलित और पिछड़े वर्गों को भी एकजुट करने का प्रयास है।
आगे की राह
आजाद समाज पार्टी अब उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा उपचुनावों में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। चंद्रशेखर की यह रणनीति बीजेपी और सपा-कांग्रेस गठबंधन दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उनकी पार्टी का फोकस संविधान की रक्षा, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के अधिकारों पर है, जिसे वे अपने चुनावी मेनिफेस्टो का हिस्सा बनाएंगे।
(लखनऊ से डीबीयूपी इंडिया संवाददाता)
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