PCS अफसर पत्नी से गुजारा भत्ता मांगा, सफाईकर्मी पति ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका #3 *HJW*

सारांश: 

प्रयागराज के सफाईकर्मी आलोक मौर्या ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी PCS अफसर पत्नी ज्योति मौर्या से गुजारा भत्ता मांगा। उन्होंने आय असमानता का हवाला देते हुए कहा—"पत्नी ज्यादा कमाती हैं, मेरा गुजारा मुश्किल।" हाईकोर्ट ने ज्योति को नोटिस जारी किया, अगली सुनवाई 8 अगस्त को। पारिवारिक अदालत में अर्जी पहले खारिज हुई थी।



हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

आलोक मौर्या ने शनिवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वह पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जबकि उनकी पत्नी ज्योति मौर्या PCS अफसर होने के नाते उनसे कहीं अधिक वेतन पाती हैं। उन्होंने दावा किया कि वैवाहिक विवाद का मामला चलने तक उन्हें भत्ता मिलना चाहिए। जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस डॉ. वाईके श्रीवास्तव की बेंच ने याचिका स्वीकार करते हुए ज्योति मौर्या को जवाब दाखिल करने का नोटिस भेजा है।

पारिवारिक अदालत में पहले हुई थी अर्जी खारिज

आलोक ने गुजारा भत्ते की मांग पहले प्रयागराज की पारिवारिक अदालत में रखी थी, लेकिन वहां से उनकी अर्जी खारिज हो गई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। आलोक का कहना है कि पत्नी के साथ रिश्ते खराब होने के बाद उनकी आजीविका चलाने में दिक्कतें आ रही हैं।

2023 में चर्चा में आया था विवाद

जुलाई 2023 में आलोक ने ज्योति पर होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के साथ अवैध संबंधों का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि दोनों के बीच अश्लील चैट्स मिलीं और दिसंबर 2022 में लखनऊ के होटल मैरियट में उन्हें रंगेहाथ पकड़ा गया। इसके बाद मनीष दुबे को निलंबित कर दिया गया, हालांकि हाईकोर्ट ने बाद में निलंबन रोक दिया।

क्या है पूरा विवाद?

  • शादी और करियर: ज्योति और आलोक की शादी 2010 में हुई। आलोक ने दावा किया कि उन्होंने ज्योति को PCS की तैयारी करवाई, जहाँ 2015 में उनका चयन हुआ।
  • बच्चे और तनाव: 2015 में दंपति को जुड़वां बेटियाँ हुईं। आलोक के मुताबिक, 2020 में ज्योति की मनीष दुबे से मुलाकात के बाद रिश्ते बिगड़े।
  • आरोप-प्रत्यारोप: आलोक ने ज्योति पर धमकी देकर तलाक मजबूर करने और दहेज के झूठे केस दर्ज कराने का आरोप लगाया।

अचानक शिकायत वापस ली थी

अगस्त 2023 में आलोक ने अप्रत्याशित रूप से ज्योति और मनीष दुबे के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप वापस ले लिए थे। उस समय उन्होंने कहा था—"यह मेरा निजी फैसला है। बेटियों के भविष्य के लिए हम साथ रहना चाहते हैं।" हालाँकि, अब गुजारा भत्ते की मांग ने विवाद को फिर से जिंदा कर दिया है।

आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट में 8 अगस्त को होने वाली सुनवाई में ज्योति मौर्या अपना पक्ष रखेंगी। आलोक के वकील का कहना है कि पति-पत्नी की आमदनी में भारी अंतर होने पर गुजारा भत्ता देना कानूनन जरूरी है। वहीं, ज्योति की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


स्रोत: दस्तावेज, हाईकोर्ट की सुनवाई और पक्षों के बयानों पर आधारित

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