समोसा-जलेबी पर स्वास्थ्य चेतावनी की खबर झूठी : मंत्रालय ने खारिज किया दावा #5 *Sdw*

[सारांश:]

स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसा, जलेबी, लड्डू जैसे स्ट्रीट फूड पर चेतावनी की खबर को फर्जी बताया। कहा यह सामान्य सलाह है कि सभी खाद्य पदार्थों में छिपी चीनी-वसा से सावधान रहें। देश के टॉप मीडिया संस्थानों ने इस खबर को एक एडवाइजरी की तरह दिखाया व पब्लिश किया था। मंत्रालय ने दावा खारिज किया।



खबर का पूरा ब्योरा

हाल ही में कुछ बड़े मीडिया हाउसों ने दावा किया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे लोकप्रिय भारतीय स्नैक्स पर स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। यह खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैली। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। आइए, इस मामले को विस्तार से समझते हैं।

फर्जी दावे का सच क्या है?

15 जुलाई को PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय ने ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि स्ट्रीट फूड पर खास चेतावनी दी गई है, लेकिन यह सच नहीं है। मंत्रालय का कहना है कि उनकी सलाह किसी खास खाद्य पदार्थ के खिलाफ नहीं, बल्कि एक सामान्य जागरूकता संदेश है।

मंत्रालय की सलाह का असली मकसद

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी सलाह लोगों को स्वस्थ खान-पान के लिए प्रेरित करने की है। इसमें बताया गया है कि हर तरह के खाद्य पदार्थों में छिपी वसा और अतिरिक्त चीनी से सावधान रहें। यह सलाह:

  • स्वस्थ विकल्प चुनने की प्रेरणा देती है।
  • कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य पहल को बढ़ावा देती है।
  • तेल और चीनी के अधिक सेवन से बचने की सलाह देती है।
    मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत की समृद्ध स्ट्रीट फूड संस्कृति पर कोई हमला नहीं है।
मीडिया ने कैसे फैलाई गलत खबर?

कई बड़े समाचार संस्थानों ने मंत्रालय की सामान्य सलाह को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। उन्होंने इसे इस तरह दिखाया जैसे समोसा-जलेबी जैसे स्नैक्स को निशाना बनाया जा रहा हो। PIB ने ट्वीट कर कहा, "यह दावा फर्जी है। सलाह में किसी खास खाद्य पदार्थ पर चेतावनी नहीं है।" यह गलत रिपोर्टिंग लोगों में भ्रम फैलाने का कारण बनी।

मंत्रालय का आधिकारिक बयान

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि उनकी सलाह का मकसद लोगों को जागरूक करना है, न कि किसी खाद्य पदार्थ को बदनाम करना। बयान में कहा गया:

  • सभी खाद्य पदार्थों में छिपी चीनी और वसा हो सकती है।
  • लोग संतुलित खान-पान अपनाएं।
  • स्ट्रीट फूड हमारी संस्कृति का हिस्सा है, इसे संरक्षित करना जरूरी है।
लोगों के लिए सलाह

इस घटना से साफ है कि फर्जी खबरें तेजी से फैल सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी खबरों पर भरोसा न करें और जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से लें। यह खबर महज एक गलतफहमी का नतीजा है।

निष्कर्ष में

समोसा, जलेबी या लड्डू पर कोई स्वास्थ्य चेतावनी नहीं आई है। मंत्रालय की सलाह सभी के लिए एक सामान्य संदेश है, जो स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। फर्जी खबरों से बचें और सच को परखें।

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