अयोध्या : एनडी कृषि विवि का इन्फ्लिबनेट के साथ एमओयू, अब देशभर के पुस्तकालयों से ऑनलाइन जुड़ेंगे छात्र #3 *OWE*
सारांश:
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि अयोध्या और इन्फ्लिबनेट के बीच लखनऊ के अटलबिहारी वाजपेई कन्वेंशन सेंटर में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह और इन्फ्लिबनेट निदेशक प्रो. देविका पी मदली ने कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में समझौता किया। इससे विश्वविद्यालय के छात्रों को देशभर के पुस्तकालयों की उच्च गुणवत्ता वाली ई-सामग्री, शोध संसाधन और यूजीसी की ई-पीजी पाठशाला तक ऑनलाइन पहुंच मिलेगी।
एमओयू से क्या बदलेगा?
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (एनडीयूएटी) अयोध्या अब देशभर के प्रमुख पुस्तकालयों से डिजिटल रूप से जुड़ जाएगा। सूचना पुस्तकालय नेटवर्क (इन्फ्लिबनेट) के साथ हुए इस ऐतिहासिक समझौते के बाद विश्वविद्यालय का पुस्तकालय उच्च गति डाटा नेटवर्क से देश के सभी प्रमुख सूचना केंद्रों से जुड़ेगा। इससे शोधार्थियों और छात्रों को अब शोध प्रबंध, दुर्लभ पांडुलिपियाँ, मोनोग्राफ और मल्टीमीडिया सामग्री तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।
हस्ताक्षर समारोह में कौन थे मौजूद?
यह एमओयू किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के अटलबिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इन्फ्लिबनेट की निदेशक प्रो. देविका पी मदली और एनडी कृषि विवि के कुलपति कर्नल डॉ बिजेंद्र सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
छात्रों को कैसे मिलेगा लाभ?
इस समझौते के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों को तीन प्रमुख लाभ मिलेंगे:
- देश के किसी भी पुस्तकालय की डिजिटल सामग्री तक मुफ्त पहुंच
- यूजीसी की ई-पीजी पाठशाला जैसे प्रीमियम कोर्स मटेरियल का उपयोग
- शोध संदर्भों की 24x7 उपलब्धता, जिसमें दृश्य-श्रव्य सामग्री और कम्प्यूटर डेटा शामिल हैं
कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि "इससे शिक्षण संसाधनों का आपसी आदान-प्रदान आसान होगा और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सामग्री मिलेगी।"
शोध की प्रामाणिकता जांचने में आसानी
इस एमओयू का एक बड़ा फायदा शोध कार्यों में होगा। अब विश्वविद्यालय एक ही सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के जरिए शोध पत्रों की प्रामाणिकता आसानी से जांच सकेगा। साथ ही, सभी उच्चस्तरीय संदर्भ ग्रंथ भी एक ही डिजिटल स्थान पर उपलब्ध होंगे। प्रो. देविका पी मदली ने जोर देकर कहा कि "यह समझौता कृषि शिक्षा में डिजिटल क्रांति लाएगा और ग्रामीण छात्रों को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराएगा।"
आगे क्या है योजना?
इन्फ्लिबनेट अब प्रदेश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों के साथ भी ऐसे ही समझौते करेगा। इस पहल से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री मिल सकेगी। विश्वविद्यालय इस सुविधा को आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू करेगा।
रिपोर्ट : धर्म चंद्र मिश्रा
ब्यूरो अयोध्या, DBUP India
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