दैनिक भास्कर की फर्जी खबर पर मंत्रालय की चेतावनी, AI 171 ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित #6 *OPW*
[सारांश:]
हिंदी समाचार पत्र दैनिक भास्कर ने दावा किया कि विमान AI 171 के ब्लैक बॉक्स की आखिरी 10 मिनट की रिकॉर्डिंग गायब है। इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया, जिसके बाद देश भर की मीडिया इस खबर को कवरेज देने लगी। जानकारी मिलने पर सूचना मंत्रालय ने इसे फर्जी बताया, कहा पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित। बिना जांच खबर न छापने की चेतावनी। सूचना मंत्रालय ने कहा - जनता से अपील है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्यों की पुष्टि केवल आधिकारिक स्रोतों से करें।
दैनिक भास्कर की फर्जी खबर पर सरकार का सख्त रुख, विमान AI 171 की रिकॉर्डिंग पूरी तरह सुरक्षित
मामला क्या है, समझिए पूरी बात
हाल ही में दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें दावा किया गया कि विमान AI 171 के ब्लैक बॉक्स में आखिरी 10 मिनट की रिकॉर्डिंग गायब है। इस खबर ने तुरंत सुर्खियां बटोरीं और कई न्यूज़ चैनलों ने इसे प्रमुखता से प्रसारित करना शुरू कर दिया। इस दावे के बाद से ही लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई थी, क्योंकि ब्लैक बॉक्स किसी भी विमान दुर्घटना की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। लेकिन भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस खबर को पूरी तरह से फर्जी करार देते हुए सख्त चेतावनी जारी की है।
सरकार का फेक न्यूज़ अलर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने आधिकारिक फैक्ट-चेक यूनिट, PIB Fact Check, के माध्यम से इस दावे को खारिज किया। PIB Fact Check ने स्पष्ट किया कि विमान AI 171 के ब्लैक बॉक्स की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित और उपलब्ध है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “यह दावा पूरी तरह फर्जी है। जनता से अपील है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्यों की पुष्टि केवल आधिकारिक स्रोतों से करें।” इसके साथ ही मंत्रालय ने सभी मीडिया संस्थानों को बिना तथ्यों की जांच के खबरें प्रकाशित न करने की सलाह दी है।
फर्जी खबरों का प्रभाव और खतरा
फर्जी खबरें न केवल जनता में भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि किसी भी जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। विमान AI 171 का मामला संवेदनशील होने के कारण ऐसी गलत खबरों का प्रसार और भी गंभीर परिणाम ला सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग किसी भी विमान हादसे की सटीक जानकारी देती है, और इस तरह की गलत सूचनाएं जांच एजेंसियों के काम में बाधा डाल सकती हैं।
मीडिया की जिम्मेदारी पर सवाल
दैनिक भास्कर जैसे बड़े समाचार पत्र द्वारा ऐसी खबर का प्रकाशन कई सवाल खड़े करता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी खबरें छापना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह जनता के बीच अविश्वास को भी बढ़ावा देता है। PIB Fact Check ने यह भी सुझाव दिया कि मीडिया संस्थानों को अपनी खबरों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक स्रोतों पर निर्भर रहना चाहिए।
जनता से अपील, सावधानी बरतें
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी खबरों पर विश्वास न करें जो बिना पुष्टि के प्रसारित की जा रही हों। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी या आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। मंत्रालय ने यह भी कहा कि फर्जी खबरों के खिलाफ उनकी मुहिम जारी रहेगी और ऐसी गलत सूचनाओं को फैलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें