पिठला में भूजल सप्ताह: "जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित" थीम पर जागरूकता रैली व कार्यक्रम #5 *HKO*

सारांश:

आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय ने नमामि गंगे मिशन के तहत पिठला स्थित आशा देवी इंटर कॉलेज में "भूजल सप्ताह" मनाया। कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. गरिमा सिंह व डॉ. प्रज्ञा पांडेय ने भूजल संकट व संरक्षण पर जानकारी दी। विद्यार्थियों ने रैली निकाली व ग्रामीणों में जागरूकता पर्चे बांटे।



पिठला में भूजल संरक्षण को लेकर हुआ बड़ा आयोजन

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय ने भारत सरकार के नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत "भूजल सप्ताह" के अवसर पर पिठला स्थित आशा देवी इंटर कॉलेज में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन में "जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित" थीम पर केंद्रित रहा।

क्यों है भूजल हमारे लिए अहम?

सहायक प्राध्यापक डॉ. गरिमा सिंह ने बताया कि भूजल पीने के पानी, कृषि और उद्योगों का मुख्य आधार है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसकी कमी से सूखा, अकाल और जलसंकट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। डॉ. गरिमा ने जोर देकर कहा, "जल संरक्षण न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।"


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रज्ञा पांडेय के अनुसार, इस आयोजन का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के बीच भूजल संरक्षण की अहमियत को रेखांकित करना था। उन्होंने समझाया कि वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के रखरखाव और पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करके हम जल संकट को कम कर सकते हैं।

विद्यार्थियों ने निकाली रैली, ग्रामीणों तक पहुंचाई जानकारी

आशा देवी इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने पिठला गांव में एक रैली निकाली, जिसमें "जल बचाओ" और "भूजल संरक्षण जरूरी है" जैसे नारे लगाए गए। साथ ही, आस-पास के ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पंपलेट वितरित किए गए। इन पर्चों में जलसंकट के कारण, बचाव के उपाय और भूजल की वर्तमान स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल थीं।

सैकड़ों ग्रामीणों ने लिया हिस्सा

डॉ. गरिमा सिंह और डॉ. प्रज्ञा पांडेय के संयोजन में चले इस कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं व पुरुष मौजूद रहे। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे जल संरक्षण को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बनाएंगे ताकि भविष्य में पानी की किल्लत न हो।


DBUP INDIA
धर्म चन्द्र मिश्र, ब्यूरो अयोध्या 

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