यूपी पंचायत चुनाव: कल 18 जुलाई से जनसंख्या आकलन, 10 अगस्त तक अंतिम सूची प्रकाशन #7 *JLWQ*


सारांश: यूपी पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी कल शुक्रवार (18 जुलाई) से शुरू। 22 जुलाई तक ग्राम पंचायतों की जनसंख्या आकलन होगा। 6-10 अगस्त को अंतिम सूची प्रकाशित। मलिहाबाद में तीन ग्राम पंचायतों (सरावां, मुजासा, फिरोजपुर) के निगम में शामिल होने से परिसीमन जरूरी। प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने डीएम को कड़े निर्देश दिए।



चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम

उत्तर प्रदेश में अप्रैल-मई 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारी आधिकारिक रूप से शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 से शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के पहले चरण में 22 जुलाई तक सभी ग्राम पंचायतों की जनसंख्या का आकलन किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए विस्तृत समय-सारणी जारी की है, जिसमें हर चरण की डेडलाइन तय की गई है।

यह है समय-सारणी

चुनाव प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निम्नलिखित समयसीमा तय की गई है:

  • 18-22 जुलाई 2025: ग्राम पंचायतों की जनसंख्या का आकलन।
  • 23-28 जुलाई 2025: ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों की प्रस्तावित सूची तैयार कर प्रकाशित की जाएगी।
  • 29 जुलाई-2 अगस्त 2025: प्रस्तावों पर आम जनता और हितधारकों से आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएँगी।
  • 3-5 अगस्त 2025: प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
  • 6-10 अगस्त 2025: निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची प्रकाशित होगी।

मलिहाबाद में क्यों जरूरी है परिसीमन?

लखनऊ जिले के मलिहाबाद विकास खंड में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव के बाद तीन ग्राम पंचायतें—सरावां, मुजासा और फिरोजपुर—नगर निगम सीमा में शामिल हो गई हैं। इस वजह से अब इन क्षेत्रों में क्षेत्र पंचायत वार्डों का पुनः परिसीमन (सीमाओं का पुनर्निर्धारण) करना होगा। इसके बाद जिला पंचायत वार्डों का भी परिसीमन किया जाएगा। यह कदम चुनावी न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

अधिकारियों पर क्या जिम्मेदारी?

प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे हर चरण को समयसीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने विशेष रूप से नगर विकास विभाग से कहा है कि वह नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के सीमा विस्तार से प्रभावित क्षेत्रों का परिसीमन प्राथमिकता के आधार करे। डीपीआरओ जितेंद्र कुमार गोंड़ ने बताया कि लखनऊ में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है ताकि शासन के आदेशों का पालन सुनिश्चित हो सके।

आगे क्या है योजना?

चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सीमा विस्तार से प्रभावित विकास खंडों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के परिसीमन को अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इससे अगले साल होने वाले चुनावों में भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी और मतदाता सूची में कोई त्रुटि नहीं होगी। जनसंख्या आकलन से लेकर अंतिम सूची के प्रकाशन तक हर कदम पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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