शिलॉन्ग : हनीमून पर पहुंचा राजा मारा गया, सोनम पर हत्या की साजिश का शक; मोबाइल-मैसेज और CCTV से खुला राज - पढ़ें पूरी रिपोर्ट
सारांश:
इंदौर के व्यापारी राजा रघुवंशी की 23 मई को शिलॉन्ग में हत्या हो गई। पत्नी सोनम पर आरोपियों को लोकेशन भेजने और झूठ बोलने के सुराग मिले। मेघालय पुलिस की SIT जांच में मोबाइल, CCTV, गाइड और सोशल मीडिया से मिले अहम सबूत।
चलिए समझते हैं पूरा घटनाक्रम
राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 21 मई को हनीमून मनाने शिलॉन्ग (मेघालय) पहुंचे थे। 23 मई को राजा की हत्या कर दी गई और सोनम गायब हो गई। 2 जून को राजा का शव एक खाई में मिला। यह मामला सामान्य नहीं था, इसलिए मेघालय सरकार ने तुरंत SIT का गठन किया और इस पूरे केस को नाम दिया गया – ऑपरेशन हनीमून।
जांच में सामने आया कि सोनम लगातार किसी को मोबाइल से मैसेज कर रही थी और वही हत्यारों को राजा की लोकेशन बता रही थी। पुलिस ने पांच टीमों में बंटी SIT की मदद से घटना के हर पहलू की पड़ताल की। जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे।
सोनम ने सुबह 5.30 बजे चेकआउट प्लान किया, लेकिन सास से झूठ बोला
जांच की पहली टीम ने हत्या वाले दिन की टाइमलाइन खंगाली। राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी हत्या 23 मई को दोपहर करीब 2 बजे के आसपास हुई। इसके ठीक आधे घंटे पहले सोनम ने अपनी सास उमा रघुवंशी से फोन पर बात की थी और कहा था कि राजा आगे निकल गए और वह पीछे रह गई।
लेकिन, होम स्टे संचालक और लोकल गाइड के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि सोनम और राजा ज्यादा दूर नहीं थे। गाइड के अनुसार, 23 मई को सुबह करीब 10 बजे दोनों को तीन और युवकों के साथ देखा गया था। सोनम ने चुपचाप सुबह 5.30 बजे होटल से चेकआउट का प्लान बनाया और उपवास का बहाना किया, जबकि उसने नाश्ता किया था।
CCTV फुटेज में सोनम की संदिग्ध गतिविधियां कैद
दूसरी टीम ने शिलॉन्ग से सोहरा तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक होटल के बाहर के फुटेज में सोनम अकेली बाहर निकलती दिखाई दी और उसने फोन से किसी को मैसेज भेजे। इसके बाद वह दोबारा राजा के पास लौट गई और दोनों होटल से निकले। बाहर निकलते ही सोनम फिर मोबाइल पर व्यस्त दिखी।
पुलिस को शक है कि इसी दौरान सोनम ने हत्यारों को लोकेशन दी थी। इस फुटेज ने जांच को निर्णायक दिशा दी।
कॉल डिटेल्स से खुला राज कुशवाह से कनेक्शन
तीसरी टीम ने राजा और सोनम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की। सोनम का संपर्क इंदौर के एक युवक राज कुशवाह से लगातार था। 23 मई के बाद सोनम का मोबाइल बंद हो गया, लेकिन राज का नंबर चालू था और कुछ नंबरों पर लगातार एक्टिव भी दिखा।
पुलिस को शक हुआ कि सोनम की साजिश में राज भी शामिल हो सकता है। तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि सोनम के शिलॉन्ग पहुंचने के आसपास ही ये संदिग्ध नंबर भी मेघालय में एक्टिव हुए थे।
लोकल गाइड ने बताया – तीन संदिग्ध लड़कों के साथ दिखे थे राजा और सोनम
चौथी टीम ने लोकल गाइड और गांव वालों से जानकारी जुटाई। गाइड अल्बर्ट पैड ने बताया कि उसने 23 मई को सोनम और राजा को तीन अन्य युवकों के साथ देखा था। तीनों युवक राजा के साथ आगे थे और सोनम पीछे चल रही थी। ये सभी हिंदी में बात कर रहे थे।
22 मई को भी तीन युवकों की तस्वीर CCTV में मिली थी, जिन्हें अल्बर्ट ने पहचान लिया। इससे यह तय हुआ कि हत्या में सोनम अकेली नहीं थी, बल्कि कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे।
सोशल मीडिया से मिला मनोवैज्ञानिक सुराग – शादी में सब ठीक नहीं था
पांचवीं टीम ने राजा और सोनम के सोशल मीडिया अकाउंट्स खंगाले। दोनों हनीमून पर होने के बावजूद एक भी फोटो पोस्ट नहीं की गई थी। जबकि वे ऐसे लोकेशनों पर गए थे, जहां कपल्स आमतौर पर तस्वीरें साझा करते हैं।
23 मई को दोपहर 2 बजे राजा के इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट आई – "सात जन्मों का साथ..."। यह पोस्ट अंतिम थी और इसके कुछ देर बाद ही दोनों के मोबाइल बंद हो गए। पुलिस ने इसे मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा और माना कि पति-पत्नी के रिश्तों में सब ठीक नहीं था।
मेघालय सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया – SIT पर भरोसा, CBI की जरूरत नहीं
मेघालय सरकार ने इस केस को गंभीरता से लिया है। गृह मंत्री प्रेस्टन टेनसांग ने कहा कि हत्या और सोनम का गायब होना राज्य के पर्यटन पर सीधा असर डाल सकता था, इसलिए SIT बनाई गई।
पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह ने कहा – "जब तक हमारी SIT असफल नहीं होती, तब तक CBI की जरूरत नहीं है।" वहीं, मंत्री एलेक्जेंडर लालू हेग ने कहा – "अगर किसी को हमारी जांच पर भरोसा नहीं है, तो वे केंद्रीय या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के पास जा सकते हैं, हमें कोई आपत्ति नहीं।"
अब तक की जांच से क्या सामने आया?
- हत्या की तारीख – 23 मई दोपहर करीब 2 बजे
- शव मिला – 2 जून को खाई में
- सोनम ने सास से झूठ बोला – उपवास का बहाना, लेकिन खाना खाया
- मोबाइल और CCTV से शक गहराया – संदिग्ध मैसेजिंग और गतिविधियां
- राज कुशवाह से कनेक्शन – कॉल डिटेल में सामने आया नाम
- गाइड और स्थानीयों के बयान – तीन अन्य लड़के भी मौजूद थे
- कोई सोशल मीडिया फोटो नहीं – संबंधों में तनाव के संकेत
निष्कर्ष:
राजा रघुवंशी की हनीमून ट्रिप एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा लग रही है। पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों से सोनम की भूमिका बेहद संदिग्ध है। हालांकि, अंतिम फैसला अदालत में होगा, लेकिन फिलहाल मेघालय की SIT इस केस को सुलझाने के बेहद करीब दिख रही है।
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